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टोरंट के खिलाफ अब सुप्रीम कोर्ट जाएगा व्यापार संगठन

Sun, 28 Dec 2014 01:19 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
ब्यूरो, अमर उजाला Updated Sun, 28 Dec 2014 01:19 AM IST
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संगठन अध्यक्ष गोविंद अग्रवाल ने बताया कि टोरंट हर दिन जनता का उत्पीड़न कर रही है। शहर का नगर निगम तक टोरंट पावर के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर चुका है। रोजाना अवैध छापेमारी, असिसमेंट, मीटर ले जाने, जबरन लगाने जैसे कदम उपभोक्ताओं के उत्पीड़न के लिए उठाए जा रहे हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट से न्याय मांगना मजबूरी है। अधिवक्ता वीसी राय ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में टोरंट, दक्षिणांचल, पावर कारपोरेशन, विद्युत नियामक आयोग और नोडल अधिकारी को नोटिस का जवाब देना है, लेकिन दो साल में किसी ने जवाब दाखिल नहीं किया। जनहित याचिका में उठाए गए मुद्दों का जवाब देना इन सभी के लिए मुश्किल है, क्योंकि टोरंट के साथ करार में सभी नियम कानूनों की धज्जियां उड़ाई गई हैं। यही नहीं, नियामक आयोग में भी डीवीवीएनएल की संपत्ति टोरंट को ट्रांसफर करने की शिकायत की गई है, लेकिन उस पर भी कंपनी जवाब नहीं दे पाई।
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विद्युत कोर कमेटी संयोजक डीसी शर्मा, दुर्गविजय सिंह भैया ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट को 1996 में दिए गए 24 घंटे बिजली देने के आदेश के उल्लंघन की भी जानकारी दी जाएगी। वार्ता के दौरान भूपेंद्र सिंह सोबती, हरेश अग्रवाल, आईडी श्रीवास्तव, त्रिलोक चंद्र शर्मा, रिंकू अग्रवाल, प्रदीप लूथरा, अनिल गर्ग, राहुल अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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