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काली पट्टी बांधकर शिक्षामित्रों ने किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Sat, 29 Jul 2017 12:37 AM IST
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shiksha mitra agitating
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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समायोजन रद्द होने के पहले व दूसरे दिन शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय से कलक्ट्रेट तक उग्र धरना प्रदर्शन किया। सरकार की चुप्पी के खिलाफ नारेबाजी के साथ ही सीएम का पुतला फूंक कड़े तेवर दिखाए। शुक्रवार फैसले के तीसरे दिन एक बार फिर शिक्षामित्रों की भीड़ बीएसए कार्यालय परिसर में इकट्ठा हुई। शिक्षण कार्य से बहिष्कार के बीच काली पट्टी बांधकर फैसले का विरोध दर्ज किया। सूर्य की तपिश व भीषण उमस से इतर शिक्षामित्र पसीना से तर बतर होकर सरकार से रोजी रोटी की दुहाई देकर सहायक शिक्षक बनाए रखने को स्पेशल अध्यादेश लाने की बात कही। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे शिक्षामित्रों ने भाषणों से साथियों को एकजुट रहने की अपील कर संघर्ष को हर दिन मजबूत बनाने की अपील लगातार करते रहे। दोपहर करीब 2 बजे धरना स्थल पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट राम प्रसाद को शिक्षामित्रों ने सीएम को प्रेषित ज्ञापन देकर नौकरी सुरक्षित करने की मांग दोहराई। शिक्षामित्रों ने एक बार फिर सरकार की तरफ से उचित फैसला न आने तक शिक्षण कार्य से बहिष्कार की बात कही। वहीं एक दो दिनों में स्कूलों में तालाबंदी के साथ ही रोड जाम करने की चेतावनी प्रशासन को दी। प्रदर्शन की अगुवाई दीपनारायण त्रिपाठी, सुधाकर तिवारी कर रहे थे। इस दौरान विभिन्न ब्लाकों के हजारों की संख्या में शिक्षामित्रों की भीड़ मौजूद रही। प्रदर्शनकारी शिक्षामित्रों को काबू में रखने के लिए सीओ सिटी स्वतंत्र सिंह, शहर कोतवाल अरविंद सिंह, थाना प्रभारी अचलगंज मो. अशरफ, सफीपुर कोतवाली प्रभारी संजय पांडेय समेत भारी संख्या में पुरुष व महिला सिपाही मौजूद रहीं।