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Sehore: जमीन को लेकर परेशान रिटायर्ड सैनिक ने मांगी इच्छामृत्यु, कहा-दोषियों पर FIR करो या मरने की इजाजत दे दो
Mon, 12 Feb 2024 08:13 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, सीहोर
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, सीहोर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 12 Feb 2024 08:13 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के सीहोर में सेना से रिटायर्ड जवान ने स्थानीय प्रशासन से इच्छामृत्यु मांगी है। राष्ट्रपति के नाम संबोधित आवेदन में उसने अपनी पीड़ा बयां की है।
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विस्तार
'दोषियों पर एफआईआर करो या मुझे इच्छामृत्यू दे दो.. अब पीड़ा सही नहीं जाती है। मुझे इंसाफ चाहिए...। यह पीड़ा है पहले से बेची हुई जमीन को दोबारा बेचने से व्यथित किसान और सेवानिवृत्त आर्मीमैन की। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के क्षेत्र का किसान इंसाफ के लिए सालों से दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। उसने राष्ट्रपति के नाम संबोधित अपनी पीड़ा के आवेदन में कहा कि वह अकेले इस धोखाधड़ी का शिकार नहीं है, उसके साथ 12 अन्य किसान भी शामिल है।
हैरत की बात ये है कि इस मामले में एसडीएम ने भी करीब दो माह पहले दोषी भूमाफिया और राजस्व विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों पर एफआईआर के आदेश जारी हैं, लेकिन अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई। पूरा मामला राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के विधानसभा क्षेत्र और जिला मुख्यालय के समीपस्थ गांव बरखेड़ी का है। भूमाफिया ने पहले से बेची हुई जमीन दोबारा बेचकर लाखों रुपये का बड़ा फर्जीवाड़ा किया। 13 किसान इस फजीवाड़े के झांसे में आकर अपनी जमीन के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
इस तरह खुली पोल
भारतीय रक्षा विभाग (मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस) से रिटायर्ड आर्मीमैन और किसान 67 वर्षीय बैरागढ़ निवासी विश्वदेव शर्मा ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित अपनी पीड़ा का आवेदन वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपा है। इसमें अपनी पीड़ा बयां करते हुए कहा कि उन्होंने अपने रिटायरमेंट से अर्जित धनराशि से वर्ष 2017-18 में गांव बरखेड़ी में 60 डिमीमल जमीन ग्राम पांगरी के सुनील राठौर, राहुल राठौर और ग्राम बरखेड़ी के महेश शर्मा पिता रामप्रसाद शर्मा से 26 लाख 65 हजार रुपए में ली थी। इसका भुगतान 6 जनवरी 2018 को देकर जमीन का नामांतरण, बटान, सीमाकंन और कमर्शियल डायवर्शन करा लिया था।
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वर्ष 2019 में पता चला कि उनके द्वारा खरीदी गई 60 डिसीमल जमीन पर भोपाल निवासी मृदुला शर्मा पत्नी दुर्गाप्रसाद शर्मा ने अपना दावा पेश किया है। इस मामले में प्रशासन की जांच में पता चला कि बरखेड़ी के भूमाफिया गिरोह ने 13 किसानों को पहले से बेची हुई जमीन दोबारा बेच दी थी। इस धोखाधड़ी में बैरागढ़ निवासी आर्मीमैन विश्वदेव शर्मा भी साल 2018 में जमीन खरीदने के झांसे में आ गए।
दो माह पहले दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दे चुके हैं एसडीएम
मामले में जांच उपरांत पूर्व एसडीएम नितिन कुमार टाले ने 12 दिसंबर 23 को बरखेड़ी के जमीन विक्रेता महेश शर्मा सहित राजस्व विभाग के दोषी लोगों पर एफआईआर कराने के आदेश बिलकिसगंज के नायब तहसीलदार को दिए थे। लेकिन, अभी तक किसी के खिलाफ एफआईआर नहीं हो सकी है। इससे पीड़ित किसान और आर्मीमैन विश्वदेव शर्मा ने राष्ट्रपति द्रोपती मुर्मू से इच्छामृत्यु मांगी है।
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हैरत की बात ये है कि इस मामले में एसडीएम ने भी करीब दो माह पहले दोषी भूमाफिया और राजस्व विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों पर एफआईआर के आदेश जारी हैं, लेकिन अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई। पूरा मामला राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के विधानसभा क्षेत्र और जिला मुख्यालय के समीपस्थ गांव बरखेड़ी का है। भूमाफिया ने पहले से बेची हुई जमीन दोबारा बेचकर लाखों रुपये का बड़ा फर्जीवाड़ा किया। 13 किसान इस फजीवाड़े के झांसे में आकर अपनी जमीन के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
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इस तरह खुली पोल
भारतीय रक्षा विभाग (मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस) से रिटायर्ड आर्मीमैन और किसान 67 वर्षीय बैरागढ़ निवासी विश्वदेव शर्मा ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित अपनी पीड़ा का आवेदन वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपा है। इसमें अपनी पीड़ा बयां करते हुए कहा कि उन्होंने अपने रिटायरमेंट से अर्जित धनराशि से वर्ष 2017-18 में गांव बरखेड़ी में 60 डिमीमल जमीन ग्राम पांगरी के सुनील राठौर, राहुल राठौर और ग्राम बरखेड़ी के महेश शर्मा पिता रामप्रसाद शर्मा से 26 लाख 65 हजार रुपए में ली थी। इसका भुगतान 6 जनवरी 2018 को देकर जमीन का नामांतरण, बटान, सीमाकंन और कमर्शियल डायवर्शन करा लिया था।
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वर्ष 2019 में पता चला कि उनके द्वारा खरीदी गई 60 डिसीमल जमीन पर भोपाल निवासी मृदुला शर्मा पत्नी दुर्गाप्रसाद शर्मा ने अपना दावा पेश किया है। इस मामले में प्रशासन की जांच में पता चला कि बरखेड़ी के भूमाफिया गिरोह ने 13 किसानों को पहले से बेची हुई जमीन दोबारा बेच दी थी। इस धोखाधड़ी में बैरागढ़ निवासी आर्मीमैन विश्वदेव शर्मा भी साल 2018 में जमीन खरीदने के झांसे में आ गए।
दो माह पहले दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दे चुके हैं एसडीएम
मामले में जांच उपरांत पूर्व एसडीएम नितिन कुमार टाले ने 12 दिसंबर 23 को बरखेड़ी के जमीन विक्रेता महेश शर्मा सहित राजस्व विभाग के दोषी लोगों पर एफआईआर कराने के आदेश बिलकिसगंज के नायब तहसीलदार को दिए थे। लेकिन, अभी तक किसी के खिलाफ एफआईआर नहीं हो सकी है। इससे पीड़ित किसान और आर्मीमैन विश्वदेव शर्मा ने राष्ट्रपति द्रोपती मुर्मू से इच्छामृत्यु मांगी है।