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'मेहनत से हासिल की जा सकती है हर मंजिल'
दिनेश जस्पा/अमर उजाला, उदयपुर (लाहौल-स्पीति)
Updated Fri, 05 Dec 2014 12:16 PM IST
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एसडीएम काजा जगन ठाकुर प्रशासनिक अधिकारी बनने का श्रेय गृहिणी माता व बड़े भाई को देते है। इस उपलब्धि के लिए वह अपनी पत्नी को भी सौभाग्यशाली मानते है। 13 साल की आयु में पिता खोने का गम उन्हें आज भी सताता है। बीबीएमबी पंडोह में कनिष्ठ अभियंता के रुप में अपना कैरियर की शुरूआत करने वाले मंडी जिला के साबंल गांव में एक साधारण परिवार में जन्मे जगन ठाकुर इन दिनों स्पीति के काजा में एसडीएम के पद पर तैनात है।
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साल 2012 में एचएएस की परीक्षा में चौथे नंबर पर रहे जगन ठाकुर की पहली से तीसरी कक्षा तक की पढ़ाई प्राथमिक पाठशाला साबंल में हुई और छठी कक्षा तक की पढ़ाई डीएवी स्कूल बंजार में हुई। इसके बाद दसवीं कक्षा की शिक्षा डीएवी स्कूल मंडी से पूरी की और राजकीय बहुतकनीतिकी संस्थान सुंदरनगर से इलेट्रिकल में इंजीनियरिंग का डिप्लोमा हासिल किया। कोलकाता से एएमआई की डिग्री हासिल करने के अबद आइशर ट्रैक्टर प्लांट परवाणू में सहायक अभियंता के पद पर रहे।
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इसी बीच उन्होंने एचएएस की तैयारी भी की और 2012 में एचएएस परीक्षा पास कर प्रदेश स्तर मे चौथा रेंक पाया। जुलाई 2013 को जिला कांगड़ा के फतेहपुर में बीडीओ का कार्यभार संभालने के बाद वर्तमान में 20 जून 2014 से काजा में एसडीएम के पद पर तैनात है। 17 अक्तूबर 1976 को उनका जन्म साबंल गांव में भाग सिंह ठाकुर के घर में हुआ है। उनके पिता बंजार में मेडिकल स्टोर चलाते थे। जगन ठाकुर जब आठवीं कक्षा में थे तो उनके पिता की मौत हो गई थी।
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माता गीता देवी व भाई हरदयाल सिंह ने उनका लालन-पालन किया। 2008 में उनकी शादी हमीरपुर से हुई, जो इन दिनों स्पीति के रंगरीक में अध्यापक पद पर तैनात है। जगन अपने प्रशासनिक पद के लिए अपनी पत्नी को सौभाग्यशाली मानते है। चंडीगढ़ सैक्टर 32 के कोचिंग सेंटर के प्रो. अनिल कुमार को अपना आदर्श मानते है। 38 साल के जगन ठाकुर ने कहा कि युवा सफलता के लिए सही किताब चुने जिससे ऊर्जा का संरक्षित हो। युवा अपने लक्ष्य को निर्धारित कर मेहनत के साथ आगे बढ़े।