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कतर मामलाः मैं कतर में था और बेटी की शादी में नहीं आ सका, पीएम मोदी के हस्तक्षेप के बिना हम वापस नहीं आ पाते
Wed, 14 Feb 2024 11:35 AM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Wed, 14 Feb 2024 11:35 AM IST
सार
कतर की जेल से लौटे पूर्व भारतीय नौसेनाकर्मी बीके वर्मा ने साझा किए अपने अनुभव, भारत सरकार को दिया धन्यवाद
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पत्नी सुमन के साथ बीके वर्मा।
- फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
विस्तार
हाल ही में कतर की जेल से आठ पूर्व भारतीय नौसेनाकर्मियों को छुड़ाया गया है। भारत सरकार के प्रयासों के बाद इनमें से सात सोमवार को ही भारत लौट आए। इन सात पूर्व भारतीय नौसेनाकर्मियों में से एक बीके वर्मा (58) एक शादी में शामिल होने के लिए इंदौर आए। इंदौर में बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि वे खुद अपनी बेटी की शादी में शामिल नहीं हो पाए थे। उन दिनों को याद करते हुए वर्मा ने बताया कि 27 नवंबर 2022 को मेरी बेटी की शादी हुई लेकि मैं उसमें शामिल नहीं हो सका। उन्होंने कहा ऐसा होता है। मैं एक नौसेना अधिकारी था। जब हम नौसेना अधिकारी होते हैं, तब भी हमें कई स्थानों की यात्रा करनी होती है और उस समय भी हम परिवार के साथ कई क्षणों में शामिल नहीं हो पाते हैं। यह सब हमारे जीवन का हिस्सा है। उन्होंने कहा अब वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहना चाहते हैं और अपने उन सभी दोस्तों से भी मिलना चाहते हैं जो मुश्किल समय में परिवार के साथ खड़े रहे। कतर से लौटे भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त कमांडर बीके वर्मा ने अपनी बेटी की शादी के बारे में बात करते हुए कहा, ऐसा होता है। यह हमारे जीवन का हिस्सा है। वर्मा (58) कतर की जेल से रिहा किए गए
पीएम मोदी के हस्तक्षेप के बिना रिहाई संभव नहीं
वर्मा को आठ पूर्व भारतीय नौसेनाकर्मियों के साथ कथित जासूसी के आरोप में पिछले साल अक्टूबर में मौत की सजा सुनाई गई थी, लेकिन बाद में मौत की सजा कम कर दी गई थी। वर्मा ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तिगत हस्तक्षेप के बिना जेल से रिहाई संभव नहीं होती। नवी मुंबई निवासी वर्मा का परिवार एक शादी में शामिल होने के लिए मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में आया था। वर्मा ने कहा, मैं अपने परिवार के सदस्यों के बीच वापस आकर बहुत खुश हूं। यह मेरे परिवार के लिए भी बड़ी राहत है। मेरी खुशी इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि आज मेरे भतीजे की शादी है। प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तिगत हस्तक्षेप के कारण ही मैं आज यहां बैठा हूं। मैं अपनी और अपने सहयोगियों की ओर से उन्हें तहे दिल से धन्यवाद देता हूं। मैं कतर के "अमीर" को भी मेरे मामले पर उदारतापूर्वक विचार करने के लिए धन्यवाद देता हूं।
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पत्नी बोली वो सामने आए तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ
उनकी पत्नी सुमन ने उनकी रिहाई के लिए भगवान को धन्यवाद दिया और कहा कि उनके वापस आने का हम सब हमेशा से इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा, उन्हें दोबारा सामने देखकर मुझे यकीन ही नहीं हो रहा था। उन्होंने कहा, इंदौर में शादी में मेरे पति की मौजूदगी से मुझे ऐसा महसूस हो रहा है जैसे हम अपनी बेटी की शादी के पल को फिर से जी रहे हैं। मेरी बेटी भी हमारे साथ है। उन्होंने अपने पति की रिहाई के प्रयासों के लिए भारत सरकार को भी धन्यवाद दिया।
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पीएम मोदी के हस्तक्षेप के बिना रिहाई संभव नहीं
वर्मा को आठ पूर्व भारतीय नौसेनाकर्मियों के साथ कथित जासूसी के आरोप में पिछले साल अक्टूबर में मौत की सजा सुनाई गई थी, लेकिन बाद में मौत की सजा कम कर दी गई थी। वर्मा ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तिगत हस्तक्षेप के बिना जेल से रिहाई संभव नहीं होती। नवी मुंबई निवासी वर्मा का परिवार एक शादी में शामिल होने के लिए मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में आया था। वर्मा ने कहा, मैं अपने परिवार के सदस्यों के बीच वापस आकर बहुत खुश हूं। यह मेरे परिवार के लिए भी बड़ी राहत है। मेरी खुशी इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि आज मेरे भतीजे की शादी है। प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तिगत हस्तक्षेप के कारण ही मैं आज यहां बैठा हूं। मैं अपनी और अपने सहयोगियों की ओर से उन्हें तहे दिल से धन्यवाद देता हूं। मैं कतर के "अमीर" को भी मेरे मामले पर उदारतापूर्वक विचार करने के लिए धन्यवाद देता हूं।
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पत्नी बोली वो सामने आए तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ
उनकी पत्नी सुमन ने उनकी रिहाई के लिए भगवान को धन्यवाद दिया और कहा कि उनके वापस आने का हम सब हमेशा से इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा, उन्हें दोबारा सामने देखकर मुझे यकीन ही नहीं हो रहा था। उन्होंने कहा, इंदौर में शादी में मेरे पति की मौजूदगी से मुझे ऐसा महसूस हो रहा है जैसे हम अपनी बेटी की शादी के पल को फिर से जी रहे हैं। मेरी बेटी भी हमारे साथ है। उन्होंने अपने पति की रिहाई के प्रयासों के लिए भारत सरकार को भी धन्यवाद दिया।