{"_id":"59fa0b684f1c1bb6678b8c56","slug":"patients-did-the-ruckus","type":"story","status":"publish","title_hn":"जांच न होने पर मरीजों ने काटा हंगामा ","category":{"title":"City and States Archives","title_hn":"शहर और राज्य आर्काइव","slug":"city-and-states-archives"}}
जांच न होने पर मरीजों ने काटा हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो/औरैया
Updated Wed, 01 Nov 2017 11:29 PM IST
विज्ञापन
जिला अस्पताल के ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
जिला अस्पताल में दूसरे दिन बुधवार को भी आरबीसी, डब्ल्यूबीसी, प्लेटलेट्स की जांच नहीं हो सकी। इधर, अन्य जांचों के लिए मरीजों ने टेक्नीशियन पर दोपहर साढ़े 12 बजे की जगह 11 बजे से ही जांच कार्य बंद करने का आरोप लगाते हुए हंगामा काटा।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में एक तो सीबीसी मशीन में ब्लड के जम जाने से कुछ जांचे पहले से ही बंद थी। बुधवार को भी इंजीनियर के न आने से ये जांचें नहीं हो सकी। वहीं, जिला अस्पताल के लैब टेक्नीशियन अखिलेश कटियार के सुबह 11 बजे से ही बाकी की जांच न करने से मरीजों की देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई।
इस दौरान मरीजों के साथ आए तीमारदारों ने बुखार तक की जांच न करने का आरोप लगाया। वहीं 40 से 45 मरीज बिना जांच कराए ही लौट गए। कई मरीजों की अखिलेश कटियार से बहस भी हुई। अखिलेश कटियार का कहना है कि जांच करने के लिए किसी मरीज को मना नहीं किया गया था, अधिक जांच होने के कारण उनसे 15 मिनट बाद जांच कराने के लिए कहा था।
विज्ञापन
सूत्रों की माने तो अखिलेश कटियार पर पहले भी समय से पहले जांच बंद करने के आरोप लग चुके हैं। बता दें कि जिला अस्पताल में जांच करने का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक है। मगर, अखिलेश कटियार सुबह देरी से आते है, और दोपहर में समय से पहले लैब बंद कर देते हैं। जिसकी वजह से दूर दराज से जांच कराने आए मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन