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कंडारा और कांडई में छह माह से पानी नहीं
यमकेश्वर
Updated Mon, 01 Feb 2016 07:33 PM IST
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ग्राम सभा तिमल्याणी के कांडई और कंडारा में छह महीने से पानी नहीं आ रहा है। लोगों को दूरदराज से पानी ढो कर लाना पड़ रहा है।
1992-93 में रणचूला पंपिंग योजना से इन गांवों को जोड़ा गया था जिससे वहां रहने वाले ग्रामीणों को पानी उपलब्ध हो सके। दोनों गांवों के अतिरिक्त प्राथमिक विद्यालय काटल में भी छह महीने से पानी की दिक्कत आती है। इससे बच्चों के लिए मिड-डे मील बनाने में दिक्कतें आ रही हैं। बच्चों को प्राकृतिक स्रोत से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्कूल में इस समय 15 बच्चे पढ़ते हैं।
31 परिवारों को हो रही दिक्कत
कंडारा में 18 और कांडई में 13 परिवार रहते हैं। दोनों ही गांव के लोगों को तीन किमी दूर प्राकृतिक स्रोत से पीने का पानी लाना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान सुषमा देवी, अनिल रतूडी, राजेश सिंह, सुग्रीव सिंह, गुलाब सिंह, मनोहर सिंह, ज्ञान सिंह, कृष्णा देवी आदि ग्रामीणों का कहना है कि उनका सारा समय पानी लाने में ही व्यतीत हो जाता है। जिससे घर के दूसरे कार्य छूट जाते हैं। कई बार शिकायत विभाग से कर चुके हैं लेकिन कार्रवाई की बजाए आश्वासन दिया जाता है। जल संस्थान के एई आरके वर्मा का कहना है कि पानी नहीं आने की जानकारी उनको नहीं है। जैसे ही उनको शिकायत मिलेगी वे मौके पर जेई को भेजकर समस्या का समाधान करवाएंगे।
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1992-93 में रणचूला पंपिंग योजना से इन गांवों को जोड़ा गया था जिससे वहां रहने वाले ग्रामीणों को पानी उपलब्ध हो सके। दोनों गांवों के अतिरिक्त प्राथमिक विद्यालय काटल में भी छह महीने से पानी की दिक्कत आती है। इससे बच्चों के लिए मिड-डे मील बनाने में दिक्कतें आ रही हैं। बच्चों को प्राकृतिक स्रोत से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्कूल में इस समय 15 बच्चे पढ़ते हैं।
31 परिवारों को हो रही दिक्कत
कंडारा में 18 और कांडई में 13 परिवार रहते हैं। दोनों ही गांव के लोगों को तीन किमी दूर प्राकृतिक स्रोत से पीने का पानी लाना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान सुषमा देवी, अनिल रतूडी, राजेश सिंह, सुग्रीव सिंह, गुलाब सिंह, मनोहर सिंह, ज्ञान सिंह, कृष्णा देवी आदि ग्रामीणों का कहना है कि उनका सारा समय पानी लाने में ही व्यतीत हो जाता है। जिससे घर के दूसरे कार्य छूट जाते हैं। कई बार शिकायत विभाग से कर चुके हैं लेकिन कार्रवाई की बजाए आश्वासन दिया जाता है। जल संस्थान के एई आरके वर्मा का कहना है कि पानी नहीं आने की जानकारी उनको नहीं है। जैसे ही उनको शिकायत मिलेगी वे मौके पर जेई को भेजकर समस्या का समाधान करवाएंगे।
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