{"_id":"c52e0fb6bd66f6562ff10c6bd6a1ddc1","slug":"new-finance-secretary-of-chandigarh-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंजीनियर हूं पर अर्बन प्लानिंग मेरा पैशन","category":{"title":"City and States Archives","title_hn":"शहर और राज्य आर्काइव","slug":"city-and-states-archives"}}
इंजीनियर हूं पर अर्बन प्लानिंग मेरा पैशन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 31 Jan 2014 03:46 PM IST
विज्ञापन
चंडीगढ़ के नए वित्त सचिव सर्वजीत सिंह कहते हैं कि वे चाहे इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर हैं लेकिन अर्बन प्लानिंग उनका पैशन है। इसी पैशन के कारण आईएएस अधिकारियों के लिए मुल्लांपुर में कोऑपरेटिव सोसाइटी बनाने में मुख्य भूमिका निभाई।
पंजाब कैडर के वर्ष 1992 बैच के अधिकारी सर्वजीत सिंह ने बीते दिन चंडीगढ़ के वित्त सचिव के पद पर ज्वाइन कर लिया। एमएचए के आदेश पर चंडीगढ़ के प्रशासक शिवराज पाटिल ने सिंह को वित्त सचिव नियुक्त किया है।
वित्त के अलावा उन्हें उन सभी विभागों का जिम्मा दिया गया है जो कि पूर्व वित्त सचिव के पास थे। इनमें अर्बन प्लानिंग और शिक्षा शामिल है। सिंह सुबह लगभग 9.30 बजे यूटी सचिवालय पहुंचे। इसके बाद से उनके पास कई अधिकारी और स्टाफ के अन्य कर्मचारी मिलने के लिए आते रहे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि पिछले 25 साल से वे इस शहर में रह रहे हैं। ऐसे में इस शहर के विकास के लिए जो भी संभव होगा, वे करेंगे।
सिंह ने कहा कि ट्राइसिटी के मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए जब डीएमआरसी की ओर से डीपीआर तैयार की जा रही थी, तब वे गमाडा के मुख्य प्रशासक के पद पर थे।
इस दौरान वह डीएमआरसी के अधिकारियों के साथ साइट विटिज पर जाते थे। ऐसे में मेट्रो के प्रोजेक्ट से वह पूरी तरह से परिचित हैं।
इसी तरह से चंडीगढ़ के ड्राफ्ट मास्टर प्लान के लिए पंजाब सरकार के साथ हुई बैठकों में भी वह मौजूद रहे थे। सिंह ने कहा कि उन्होंने अभी यह पद संभाला है। प्राथमिकताएं तय करने में समय लगेगा। गौरतलब है कि इससे पहले वित्त सचिव वीके सिंह 14 जनवरी को रिलीव हुए थे।
विज्ञापन
पंजाब कैडर के वर्ष 1992 बैच के अधिकारी सर्वजीत सिंह ने बीते दिन चंडीगढ़ के वित्त सचिव के पद पर ज्वाइन कर लिया। एमएचए के आदेश पर चंडीगढ़ के प्रशासक शिवराज पाटिल ने सिंह को वित्त सचिव नियुक्त किया है।
विज्ञापन
वित्त के अलावा उन्हें उन सभी विभागों का जिम्मा दिया गया है जो कि पूर्व वित्त सचिव के पास थे। इनमें अर्बन प्लानिंग और शिक्षा शामिल है। सिंह सुबह लगभग 9.30 बजे यूटी सचिवालय पहुंचे। इसके बाद से उनके पास कई अधिकारी और स्टाफ के अन्य कर्मचारी मिलने के लिए आते रहे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि पिछले 25 साल से वे इस शहर में रह रहे हैं। ऐसे में इस शहर के विकास के लिए जो भी संभव होगा, वे करेंगे।
सिंह ने कहा कि ट्राइसिटी के मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए जब डीएमआरसी की ओर से डीपीआर तैयार की जा रही थी, तब वे गमाडा के मुख्य प्रशासक के पद पर थे।
इस दौरान वह डीएमआरसी के अधिकारियों के साथ साइट विटिज पर जाते थे। ऐसे में मेट्रो के प्रोजेक्ट से वह पूरी तरह से परिचित हैं।
इसी तरह से चंडीगढ़ के ड्राफ्ट मास्टर प्लान के लिए पंजाब सरकार के साथ हुई बैठकों में भी वह मौजूद रहे थे। सिंह ने कहा कि उन्होंने अभी यह पद संभाला है। प्राथमिकताएं तय करने में समय लगेगा। गौरतलब है कि इससे पहले वित्त सचिव वीके सिंह 14 जनवरी को रिलीव हुए थे।