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'मोटापा घटाने के जुनून ने बना दिया चैम्पियन'

Sun, 31 Aug 2014 03:56 PM IST
अमित कुमार/अमर उजाला, लुधियाना
अमित कुमार/अमर उजाला, लुधियाना Updated Sun, 31 Aug 2014 03:56 PM IST
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Meet to Sketing Champion Harshveer Singh Sekhon

स्केटिंग की विभिन्न प्रतियोगिताओं में कामयाबी हासिल कर चुके हर्षवीर सिंह सेखों सितंबर में होने वाली एशियन चैंपियनशिप और नवंबर में अर्जेंटीना में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगे। इसके लिए हर्षवीर ने रोजाना की प्रेक्टिस और बढ़ा दी है ताकि वह इन प्रतियोगिताओं में गोल्ड हासिल कर सके।

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हर्षवीर ने बताया कि जून में कर्नाटक में इंडियन टीम की सिलेक्शन के लिए ट्रायल हुए थे, जिसमें वह दूसरी पोजीशन पर रहा था। उसे एशियन और वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए चुना गया। डीएवी स्कूल में ग्यारहवीं में पढ़ने वाला हर्षवीर जनवरी में हुई स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया में 2 गोल्ड मैडल और दिसंबर में रुलर स्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से करवाई गई ओपन नेशनल प्रतियोगिता में भी दो रजत पदक हासिल कर चुका है।
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मोटापा कम करने को शुरू की थी स्केटिंग
हर्षवीर ने बताया कि जब मैं छोटा था तो काफी मोटा था। चार साल की उम्र में मेरा वजन 44 किलो के करीब होता था। रिश्तेदार में से किसी ने कहा था कि स्केटिंग शुरू करवा दो तो वजन कम हो जाएगा। 6 साल की उम्र में मैंने स्केटिंग करनी शुरू कर दी। पापा मुझे लेकर जाते थे और वही मेरा बैलेंस बनवाते थे।
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पहले तो इस और मेरा बिल्कुल भी मन नहीं था। जब रोजाना प्रेक्टिस करने लगा तो स्केटिंग अच्छी लगने लगी। फिर मैंने कोच नगेंद्र सिंह नागी से ट्रेनिंग लेनी शुरू की और इस मुकाम तक पहुंच गया हूं। अब करीब छह फुट के हर्ष का वजन 75 किलो है।  

माता-पिता ने किया सपोर्ट
हर्षवीर के पिता बलजीत सिंह एक कारोबारी है। उन्होंने शुरू से ही हर्ष को सपोर्ट किया। हर्ष अपनी मां बलदीप कौर के बेहद करीब है। उसके अनुसार अगर उसे किसी तरह की कोई परेशानी होती है तो पहले अपनी मां से डिस्कस करता है।

बाकी प्लेयरों से अच्छा बनना चाहता हूं

हर्षवीर ने कहा कि मैंने कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है। प्रतियोगिता के दौरान बेहतरीन खिलाड़ियों से मैंने बहुत कुछ सीखा है और उनसे प्रेरित हुआ हूं, लेकिन मैं उनसे भी बेहतरीन बनना चाहता हूं। अपनी अलग पहचान बनाना चाहता हूं। इसलिए एशियन चैंपियनशिप के लिए कड़ी मेहनत करनी शुरू कर दी है।


मेहनत से पाया मुकाम : कोच
हर्ष के कोच नागेंद्र सिंह नागी ने बताया कि हर्षवीर एक साल से उनके पास ट्रेनिंग ले रहा है। हर्षवीर को स्केटिंग तो आती थी लेकिन मार्ग दर्शक के रुप में मैंने उसे एक रास्ता दिखाया है। हर्ष अपनी मेहनत से ही आज इस मुकाम तक पहुंचा है और आगे भी इसी तरह तरक्की की ऊंचाई को छूता रहेगा। उन्होंने सरकार से भी अपील की है कि वह खिलाड़ियों को सपोर्ट करें। खिलाड़ियों को नौकरी दें, ताकि मेहनत से हासिल मैडल का उन्हें फल भी मिल सके। 

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