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आंखें तरस गईं, एक नजर तो दिखा दो

Mon, 08 Dec 2014 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 08 Dec 2014 01:33 AM IST
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Madhavi grieves over her son death in agra
‘बेटा तू कहां चला गया। तुझे देखे अरसा बीत गया। अब तो मेरी गोद में आ जा। मैं तुझे अपने आंचल में दुबका लूंगी। फिर कभी तुझे दूर नहीं जाने दूंगी।’ कौटिल्य की मां माधवी का विलाप से वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें छलक आईं। उनकी एक ही गुहार थी कोई कौटिल्य को एक नजर दिखा दे. उसे देखने को आंखें तरस गईं। ढांढ़स बंधा रहे परिवार के लोग खुद आंसुओं में डूब जा रहे थे।  
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मासूम कौटिल्य का शव जब दोपहर में घर लाया गया तो कोहराम मच गया। मां-पिता तो होश खो बैठे। विकलांग बड़े भाइयों श्रेय और कुश का रो-रोकर बुराहाल था। कौटिल्य की अंतिम झलक पाने के लिए पूरी बिल्डिंग के लोग उमड़ पड़े। शव देखकर हर किसी की आंखों में आंसू भर आए। महिलाएं फफक कर रोने लगीं। चौकीदार चंद्रभान और घरों में काम करने वाली औरतें तक आंसू न रोक सकीं। सबके मुंह से बस एक ही बात निकल रही थी कि मासूम ने किसी का क्या बिगाड़ा था। उसकी जान क्यों ले ली। परिवार के लोग शव को अंतिम संस्कार के लिए सादाबाद में पुश्तैनी गांव दगसह ले गए।
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सबका लाडला था कौटिल्य
अपार्टमेंट में रहने वाली महिलाएं तो यकीन ही नहीं कर पा रहीं कि हमेशा खिलखिलाने और उनको हंसाने वाला कौटिल्य अब उनके बीच में नहीं है। घरों में चूल्हे नहीं जले।
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दबंगई के आगे सब हो जाते चुप
कमला नगर के कपिल गौतम ने बताया कि रिटायर्ड इंजीनियर ने अवैध निर्माण कर 10 फीट के नाले को चार फुट का बना दिया। किसी ने आवाज उठाई तो उसे चुप करा दिया गया। विभागों में सांठगांठ की वजह से कोई कुछ नहीं बोलता। शिकायतों के बावजूद न तो एडीए कुछ कर सका और न ही नगर निगम ने कोई कार्रवाई की

चैनल होता तो बच जाती जान
कोठी में ऊपर की मंजिल पर कई कमरे बने हुए हैं, लेकिन बेसमेंट में पानी भरा हुआ है। पिलर भी जर्जर हो चुके हैं। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने बताया कि इंजीनियर ने कुछ साल पूर्व बेसमेंट के आगे लगा लोहे का चैनल हटवा दिया। बेसमेंट की मिट्टी भी निकलवाई। इस वजह से ही वहां पानी भर गया।
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