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जू में इसी माह से चलेंगी चार नई वेहिकल्स

Sun, 17 Nov 2013 01:37 PM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
टीम डिजिटल/लखनऊ Updated Sun, 17 Nov 2013 01:37 PM IST
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चिड़ियाघर में बैटरी चालित वाहनों को लोगों ने काफी पसंद किया है। अभी दो वाहन हैं। चार और नए वाहन खरीदने की योजना है। इसी महीने के अंत तक ये चारों वाहन चिड़ियाघर में चलने लगेंगे।

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जनवरी तक नई बाल ट्रेन भी आ जाएगी। जो पहले से कहीं अधिक आकर्षक होगी। इसकी क्षमता भी काफी ज्यादा होगी।
लखनऊ का चिड़ियाघर ऐसा है जो प्राणि उद्यान और पर्यटन स्थल के तौर पर दूसरों से बेहतर है।

यहां लोगों को इतनी अधिक वैराइटी मिलती है जो देश में कहीं नहीं है। म्यूजियम, मछलीघर, सांपघर, सफेद टाइगर और बब्बर शेर के अलावा तरह-तरह के स्टार्क और फीजेंट सहित पक्षियों की बहुत सी प्रजातियां हैं।
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अब हमारी कोशिश है कि इन जानवरों के बाड़ों में अधिक से अधिक सफाई हो। उन्हें पूरी तरह हाइजनिक बनाया जाए।

नए जानवर और पक्षी भी लाए जाएंगे। इसके लिए देश भर के प्राणि उद्यानों से हमारी बात चल रही है। नेशनल जू अथॉरिटी ऑफ इंडिया को भी प्रस्ताव भेजा गया है।

ऐसे जानवरों की लिस्ट भेजी गई है जो हमें चाहिए और हम उनके बदले में जो जानवर उन्हें दे सकते हैं। यहां बोटिंग पॉन्ड और नेचर पार्क है। नेचर पार्क में बच्चे तरह-तरह के पौधों के बारे में जान सकते हैं।
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नाला डायवर्जन की भी कसरत
चिड़ियाघर के बीच से होकर एक नाला गुजरता है। इससे संक्रमण का खतरा बना रहता है। हालांकि खुले नाले को ढक दिया गया है। लेकिन फिर भी इसके डायवर्जन की बात चल रही है। यह बड़ा काम है और नगर निगम को करना है। शासन ने पिछले दिनों बैठक में नगर निगम से इस बारे में कहा है। फिलहाल चिड़ियाघर को स्थानांतरित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

गुजरात से शेर जल्द मिलने की उम्मीद
लॉयन सफारी के लिए दो शेर राजकोट से आ गए हैं। चार नए शेर गुजरात के शकरबाग प्राणि उद्यान से आने हैं। वहां से सहमति मिल गई है। हमने सेंट्रल जू अथॉरिटी से अनुमति के लिए पत्र लिखा है। शेर जल्द ही हमें मिलने की उम्मीद है। हमने भी यहां से मगरमच्छ, बारासिंघा, घड़ियाल और कई तरह के पक्षी गुजरात भेजे हैं।


अब सभी काले हिरन स्वस्थ
पिछले दिनों काले हिरनों की मौत वाकई दु:खद थी। लेकिन अब सभी स्वस्थ हैं। एक के पैर में पिछले दिनों चोट लग गई थी। उसका भी इलाज चल रहा है। इनके बाड़ों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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