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'फैसला लेने की ताकत है तरक्की का रास्ता'
अमर उजाला, ऋषिकेश
Updated Wed, 13 Nov 2013 01:07 PM IST
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देश की पहली महिला आईपीएस किरण बेदी ने माइंड, बॉडी और सोल पर नियंत्रण को जीवन में आगे बढ़ने का मूलमंत्र बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, आत्म निर्भरता और निर्णय लेने की ताकत मनुष्य को तरक्की के रास्ते पर ले जाती है।
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जोरदार स्वागत
मुनिकीरेती स्थित ओमकारानंद सरस्वती निलायम स्कूल में स्वामी विवेकानंद सार्द्धशती समारोह समिति की ओर से आयाजित किशोरी सम्मेलन में छात्राओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। किरण बेदी ने स्वावलंबी बनने के लिए नैतिक मूल्यों और समय के महत्व को समझने की बात कही।
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उन्होंने अपने स्कूल के दिनों के कई वाकये साझा किए। बताया कि जब तक जीवन है, तब तक शिक्षा उनकी कामयाबी का राज है। कहा कि शिक्षा मनुष्य की एक सशक्त सहयोगी के रूप में हमेशा साथ रहती है। बेदी ने कहा कि लोक संस्कृति, वेद, उपनिषद और सभ्यता एक- दूसरे के पूरक हैं, जिनका मनुष्य के जीवन में विशेष महत्व है।
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लिहाजा, प्रत्येक व्यक्ति को उनका ज्ञान होना आवश्यक है। मौके पर शिक्षाविद् डा. सविता मोहन, ममता धमीजा, डा. आदित्य गौतम, केबी भट्ट, संदीप मल्होत्रा, सुदामा, डा. डीके सचदेवा, विकास नेगी, रवि थपलियाल, संदीप गुप्ता आदि मौजूद थे।
किशोरियों का खींचा फोटो, किया ट्वीट
किरण बेदी पांडाल में बैठी सैकड़ों किशोरियों की भीड़ को देखकर गद्गद हो गई। वह खुद को रोक नहीं पाई और उन्होंने मंच पर चढ़ते ही भीड़ का फोटो अपने मोबाइल में कैद किया। उन्होंने मंच से ही मोबाइल फोन के जरिए फोटो ट्वीटर पर डाला। बताया कि फोटो को ‘कहां देखोगे इतनी सुंदरता’ शीर्षक दिया गया है। बेदी ने बताया कि इस फोटो को 1.2 मिलियन लोग देख सकेंगे।
किशोरियों में दिखी जिज्ञासा
महिलाओं के लिए प्रेरणा रही किरण बेदी को सामने खड़ा देख किशोरियां उत्साहित नजर आई। उन्होंने अपनी जिज्ञासा के अनुसार उनसे प्रश्नोत्तरी की। बेदी ने पूछे गए प्रश्नों का सहजता से जवाब दिए। उनका कहना है कि स्कूल का समय पढ़ने, खेलने और खुद को कामयाब बनाने का है। इस समय माता-पिता, गुरुजनों और किताबों का सहयोग लें।
बार-बार बुलाओ, मैं आऊंगी
किरण बेदी ने कहा कि ऋषिकेश आध्यात्म और शांति का केंद्र है, यहां हर कोई आना चाहता है। उन्होंने कार्यक्रम में आमंत्रित करने के लिए आयोजन समिति का धन्यवाद ज्ञापित किया। कहा कि तीर्थनगरी आकर सुकून मिलता है, बकौल बेदी मुझे जितनी बार बुलाओगे, मैं उतनी बार ऋषिकेश आने के लिए तैयार हूं।
आध्यात्म की बुक सेल्फ टीचर
बेदी ने कहा कि स्कूली किताबों के साथ-साथ बच्चों के पास एक आध्यात्म यानी महापुरुषों के उपन्यास, रामायण, महाभारत, गीता एवं अन्य आध्यात्मिक पुस्तकें होनी आवश्यक है। इससे न केवल मानसिक विकार दूर होते हैं, बल्कि नए विचार मिलते हैं। कहा ऐसी पुस्तकें सेल्फ टीचर का काम करती हैं।
लोकायुक्त बिल लागू करना आवश्यक
किरण बेदी ने कहा कि उत्तराखंड में लोकायुक्त बिल लागू करना आवश्यक है। बिल के लागू होने से न केवल प्रदेश का विकास होगा, बल्कि पुरानी शिकायतें भी उजागर हो जाएंगी। उन्होंने लोकायुक्त बिल के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भुवनचंद्र खंडूड़ी की सराहना की। बताया कि राष्ट्रपति से स्वीकृति मिलने के बाद भी लोकायुक्त लागू नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
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