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'ट्रंप कार्ड शॉट को रखें राज'
अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 19 Feb 2014 12:55 PM IST
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हर खिलाड़ी का एक फेवरेट शॉट होता है, जो मैच के दौरान बाजी पलटने में भी मददगार साबित होता है। लेकिन, इस शॉट को जितना राज रहने दिया जाए उतना बेहतर है।
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तीन बार वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियन
यह कहना है तीन बार की वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियन इंग्लैंड की पूर्व खिलाड़ी जूडी डेवलिन हसमन का। इंटरनेशनल वूमेंस हॉल ऑफ फेम से सम्मानित इंग्लैंड की पूर्व दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी जूड़ी डी हसमन दून में थीं।
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दून क्लब में जूडी ने उत्तराखंड की बैडमिंटन स्टार हिमांशी रावत, दिव्यांशी जोशी और शेफाली गौतम से अनुभव साझा किए। खेल में आगे बढ़ने के लिए फिटनेस और डाइट पर ध्यान देने की सलाह दी।
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खेल का माहौल और तरीका अलग
अमर उजाला से बातचीत में जूडी ने बताया कि डेनमार्क, यूएसए, इंग्लैंड, कनाडा आदि देश में खेल का माहौल और तरीका अलग है। इंग्लैंड में अंडर-11 स्तर से प्रतियोगिताएं होती हैं। अब वहां प्रोफेशनल बैडमिंटन क्लब भी बन गए हैं।
हालांकि उनके पास फुटबॉल की तरह बड़ी रकम नहीं है, लेकिन इनके जरिये खेल का आधार मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि जो शॉट कमजोर हो या फिर जिसे खेलने में जल्दी थकते हैं, उसका सबसे ज्यादा अभ्यास करना चाहिए ताकि वह कमजोरी न बने।
खिताबों की मलिका हैं जूडी
जूडी के नाम 86 अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खिताब हैं। 1954 से 1967 तक जूडी ने यूएस ओपन में 12 बार सिंगल खिताब जीते, इनमें से आठ लगातार थे। ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप में 10 बार सिंगल और सात बार डबल्स खिताब भी कब्जाए।
ऑल इंग्लैंड ओपन एंड इंग्लैंड नेशनल प्रतियोगिता के 19 खिताब जूडी के नाम हैं। इनके अलावा यूएसए में 31, जर्मनी में आठ, कनाडा में सात, हॉलैंड व स्वीडन में 4-4, आयरलैंड व जमैका में 3-3, स्कॉटलैंड में दो खिताब उन्होंने जीते।
इनके अलावा जूडी को इंटरनेशनल वूमेंस स्पोर्ट्स हॉल ऑफ फेम, यूएस बैडमिंटन हाल ऑफ फेम और 1997 में अपने पिता के साथ बैडमिंटन हॉल आफ फेम चुना गया।