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'दून जैसे लोग किसी और शहर में नहीं'

Wed, 14 Aug 2013 11:37 PM IST
देहरादून/इंटरनेट डेस्क
देहरादून/इंटरनेट डेस्क Updated Wed, 14 Aug 2013 11:37 PM IST
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interview of jaspal rana

जसपाल राणा

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खिलाड़ी

जन्म-28 जून, 1976
स्थान-नैनबाग
शिक्षा-ग्रेजुएशन
खेल-शूटिंग
वर्तमान में -खिलाड़ी

दुनिया भर में अपनी शूटिंग की धाक जमाने वाले जसपाल राणा को दून से काफी लगाव है। इतना ही नहीं उन्हें बार-बार वापस दून लौट आने का मन करता है। जसपाल राणा का कहना है कि अब वेब पोर्टल का जमाना है। लोकल पोर्टल के माध्यम से शहर के लोगों को अपनी खबरें आन लाइन जानने की सहूलियत होगी। मेरी तरफ से अमर उजाला की इस पहल के लिए बधाई।

काफी समय बीता यहां
मसूरी से चौथी कक्षा तक पढ़ाई की। काफी समय दून में बीता। कामनवेल्थ में गोल्ड के बाद गोल्डन ब्वाय का खिताब मिला। दून के लोगों से बहुत प्यार मिला। यहां जैसे लोग किसी और शहर में नहीं मिलते। अगर मैं यह कहूं कि हिंदुस्तान के सबसे अच्छे लोग इस शहर में बसते हैं तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। उस पर शहर का शांत स्वभाव मुझे बेहद लुभाता है।
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jaspal ranaयह दून की खासियत है कि यहां अगर सात-आठ बजे शाम को किसी के घर जाना होता था तो सोचते थे कि जाएं या नहीं। लोग सो गए होंगे। दिल्ली की तरह नहीं। दिल्ली में तो इस वक्त लोगों के दूसरों के यहां डिनर पर जाने का टाइम होता है और आधी रात को फैसला किया जाता है कि मेजबान के यहां ठहर सो जाएं या फिर अपने घर लौट जाएं।
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दून की पहचान कायम रहे
दून के लोग ही नहीं, दून जैसा बेहतरीन मौसम भी दूसरी जगह नहीं मिलता। थोड़ी सी गर्मी होते ही बादल आसमान पर छाते हैं और बरसात शुरू हो जाती है। अन्य शहरों में मौसम का यह रुख कहां होता है। अब भी बार-बार दून की तरफ लौट आने का मन करता है। काश कि इसकी यह पहचान कायम रहे।

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