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आईआईएम के कंट्रोल में हो रिजल्ट

Tue, 30 Jul 2013 07:37 PM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क Updated Tue, 30 Jul 2013 07:37 PM IST
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iims should control results alone

प्रो. हिमांशु राय

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चेयरमैन, मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम
आईआईएम लखनऊ


आईआईएम कोझिकोड की ओर से आयोजित कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट-2012) में सेंधमारी का मामला बेहद गंभीर है। हम लोग अब पहले से ज्यादा सचेत हैं।

हालांकि, इससे आईआईएम की छवि पर खास फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि इसमें आईआईएम संस्थानों के रिजल्ट प्रभावित नहीं हुए। फिर भी, भविष्य में यह ख्याल रखना होगा कि कैट रिजल्ट का पूरा कंट्रोल आईआईएम के हाथों में ही हो। इसमें किसी भी बाहरी का दखल न हो।

सिक्योर है हमारा सिस्टम
आईआईएम का पूरा सिस्टम काफी सिक्योर है। हैकिंग और दूसरी टेंपरिंग से बचने के लिए पुख्ता इंतजाम हैं। आईआईएम रिजल्ट का काम संभालने वाली प्रोमेट्रिक कंपनी विश्व की जानीमानी है।
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उसके सुरक्षा तंत्र को भेद पाना नामुमकिन है। कैट 2010 को लखनऊ आईआईएम ने आयोजित कराया था। मैं उसका संयोजक था। हमने वेब वेवर्स कंपनी के साथ वेबसाइट मेंटेनेंस के लिए अनुबंध किया था। उनका रिजल्ट से कोई लेना-देना नहीं था।
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चूंकि वेबसाइट मेंटेनेंस के लिए स्थानीय व्यक्ति की जरूरत होती है, इसलिए पांच स्थानीय कंपनियों में से वेबवेवर्स को चुना गया था।

रिजल्ट के साथ किसी तरह की टेंपरिंग न हो, इसके लिए मैंने चार सुरक्षा चरण तैयार किए थे, जिनके जरिए हर बिंदु की मॉनीटरिंग हो रही थी। कहीं कोई गड़बड़ी नहीं हुई।

हमारे बाद कोलकाता आईआईएम ने भी वेबवेवर्स के साथ अनुबंध किया। वहां भी कोई गड़बड़ी नहीं हुई। आईआईएम कोझिकोड के मामले में कहां चूक हो गई समझ नहीं पा रहा हूं।

रिजल्ट की सीडी भेंजें ताकि न हो टेंपरिंग
कैट बहुत ही उच्चस्तरीय परीक्षा प्रणाली है। अगर कोई रैकेट कैट में घुसपैठ करने की कोशिश भी करेगा तो छिप नहीं सकता, क्योंकि पूरा सिस्टम इस तरह से तैयार किया गया है कि कहीं कोई भी खामी होगी तो आसानी से पकड़ में आ जाएगी।

फिर भी सभी आईआईएम को अतिरिक्त सुरक्षा और सतर्कता बरतने की जरूरत है। आगे से गड़बड़ी न हो इसके लिए आईआईएम संस्थानों के साथ बाकी बिजनेस स्कूलों को भी रिजल्ट की सीडी ही भेजी जानी चाहिए ताकि उनके रिजल्ट में भी टेंपरिंग न हो सके।


इनमें सबसे ज्यादा जरूरी तो ये है कि रिजल्ट के मामले में किसी बाहरी को शामिल ही न किया जाए। सभी संस्थान इसे लेकर अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं।

बाकी कैट की तैयारियों में जुटे छात्रों से एक बात कहना चाहूंगा कि इस प्रकरण को लेकर कोई भी नकारात्मक भाव लाए बगैर जमकर तैयारी करें और सफल हों।

आईआईएम का पूरा सिस्टम काफी सिक्योर है। हैकिंग और दूसरी टेंपरिंग से बचने के लिए पुख्ता इंतजाम हैं। इसलिए मैं सिर्फ इतना ही कहूंगा कि छात्र इस प्रकरण को लेकर कोई नकारात्मक भाव लाने के बजाय तैयारी में लगें।

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