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चार मासूमों की मौत: किसी को आभास नहीं हुआ, हर पल मौत की ओर बढ़ते गए, कहा था- चलो...फुटबाल खेलें, पढ़ें मामला

Fri, 16 Feb 2024 06:30 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 16 Feb 2024 06:30 AM IST
सार

Chitrakoot News: चित्रकूट इंटर कॉलेज में पटाखों में अचानक हुए विस्फोट ने चार बच्चों ने जान ले ली, जिससे जिला प्रशासन थर्रा उठा। गुरुवार को मृतकों के शव घर पहुंचने पर परिजन रोते-बिलखते नजर आए। सभी की आंखे नम थी। लोग घटना के बाद कह रहे थे कि घटना बहुत की दर्दनाक थी।

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Four innocent children died in Chitrakoot bomb blast, Bomb disposal squad arrived, seized firecrackers
chitrakoot bomb blast - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चलो यहां के मैदान में पानी भरा है तो आज सीआईसी में फुटबाल खेलने चला जाए...। रूद्रा चलो जल्दी, आंटी उसे भेज दीजिए देर हो रही है। बस यही यश, पारस व प्रभात के अंतिम वाक्य पूरे कर्वी मॉफी गांव में गूंज रहे हैं। नम आंखों से मृतकों के परिजन बस यही बताते हैं कि बुधवार को स्कूल से लौटने के बाद पारस व यश एक साइकिल व प्रभात एक अलग साइकिल से गांव से निकले थे।

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वहां पर उन्हें विद्यानगर निवासी मोहित साइकिल लेकर मिला। फुटबाल खेलने के पूर्व सभी ने कहा कि चलो प्रदर्शनी देखी जाए तो वह सब पन्नी से ओढाकर रखे गए पटाखों को देखने जा पहुंचे। किसी को आभास नहीं था वह हर पल मौत की ओर बढ़ते चले जा रहे हैं। एक ही स्थान पर चारों खड़े थे तभी हादसे में सभी शिकार हो गए फिर कभी घर नहीं लौट पाए।

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आतिशबाजी स्थल चित्रकूट इंटर कॉलेज में पटाखों में अचानक हुए विस्फोट ने चार बच्चों ने जान ले ली थी। जिस पर जिला प्रशासन थर्रा उठा था। गुरुवार को मृतकों के शव घर पहुंचने पर परिजन रोते-बिलखते नजर आए। सभी की आंखे नम थी। लोग घटना के बाद कह रहे थे कि घटना बहुत की दर्दनाक थी।

तिलकोत्सव कार्यक्रम में शामिल होने गए था परिवार
कर्वी कोतवाली के विद्यानगर निवासी पिता मुकेश वर्मा ने बताया कि बुधवार को वह अपनी पत्नी राजकुमारी व छोटे पुत्र शोभित को लेकर पहाड़ी थाना क्षेत्र के डैला का पुरवा निवासी साला उमेश वर्मा के तिलकोत्सव कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। घर पर मोहित (15) व उसका छोटा भाई रोहित घर पर अकेले थे। उन्होंने बताया कि वह रोहित को बाहर छोड़कर घर में ताला लगाकर साइकिल से सीआईसी चला गया था।

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मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है पिता
इसके बाद यह घटना घटित हो गई। घटना के बाद उसके जेब से चाभी निकाली गई। वह दो भाई एक बहन में बड़ा था। वह कक्षा छह में चित्रकूट बाल विद्यालय में पढ़ता था। बुधवार को स्कूल की छुट्टी थी। दादी सुमित्रा देवी मां राजकुमारी का रो-रोकर हाल बेहाल है। दादी व मां ने बताया कि अगर मोहित को अपने साथ ले जाते, तो यह हादसा न होता। पिता मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।

बनारस में दरोगा के पद पर तैनात हैं पिता
कर्वी कोतवाली अंतर्गत माफी कर्वी निवासी पिता विश्व प्रधान मिश्रा ग्राम विकास अधिकारी पद में पहाड़ी ब्लॉक में तैनात हैं। वह मूल रूप से कौशांबी जिले के निवासी हैं। उनके पिता इंद्रजीत मिश्रा दरोगा पद पर बनारस में तैनात हैं। मृतक के पिता ने बताया कि यश (11) इकलौता था। बहन श्रेया व गौरी दो बहनें हैं। वह कक्षा पांच में संत थॉमस स्कूल का छात्र था।

बारिश के चलते नहीं गया था यश
मोहल्ले में रघुनंदन वाटिका के पास खाली मैदान है। वह अक्सर वहीं खेलने जाया करता था। बारिश होने के चलते उस दिन वह वहां नहीं गया था। वह बुधवार की दोपहर को बिना बताए साइकिल से दोस्त पारस व प्रभात के साथ सीआईसी चला गया। जिसके चलते यह घटना हो गई। अगर वह सीआईसी न जाता तो यह हादसा न होता। मां पदमा मिश्रा का रो-रोकर हाल बेहाल है।

दो भाईयों में बड़ा था मृतक प्रभात
कर्वी कोतवाली अंतर्गत माफी कर्वी निवासी पिता धर्मेंद्र सिंह मूल रूप से राजापुर थाना क्षेत्र के बछरन निवासी है। वह कर्वी माफी स्थित नरेंद्र सिंह के मकान में दो वर्ष से किराए पर रहते हैं। वह भरतकूप में ट्रक चलवाने का कार्य करते हैं। मृतक प्रभात दो भाईयों में बड़ा था। कक्षा छह में संत थॉमस स्कूल का छात्र था। पिता ने बताया कि तीनों बच्चे घर से खेलने के लिए निकले थे। कहां से वह सीआईसी पहुंच गए कोई अंदाजा नहीं है। मां नीलू देवी का रो-रोकर हाल बेहाल है।

क्या पता था...अब नहीं लौटेगा
कर्वी कोतवाली अंतर्गत माफी कर्वी निवासी कंसराज शर्मा राजमिस्त्री हैं। उन्होंने बताया कि पारस कक्षा सातवीं में जीडीएनडी स्कूल में पढ़ता था। वह दो भाई एक बहन में छोटा था। उन्होंने बताया कि बुधवार को वह अपने ससुर की मौत होने पर रुपौलिहा टोल राजापुर गए थे। पत्नी शिवकन्या व पुत्र पारस घर में थे। वह अपनी मां से कहकर खेलने के लिए घर से निकल गया था। क्या पता था कि उसका पारस अब नहीं लौटेगा।

बम निरोधक दस्ता पहुंचा, सभी पटाखों को अपने कब्जे में लिया
सीआईसी परिसर के घटनास्थल पर गुरुवार की शाम को बम निरोधक दस्ते की टीम लखनऊ व प्रयागराज से पहुंची। तीन घंटे तक जांच पड़ताल के बाद स्टैंडों पर लगे पटाखों को निष्क्रिय कर कई नमूने लिए। इन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। उधर, दर्ज रिपोर्ट में नामजद कंपनी के जिम्मेदारों से पूछताछ की गई। विस्फोटक में केमिकल की जांच के लिए भौतिक व रसायन विषय के विशेषज्ञ शामिल रहे।

पटाखों को निष्क्रिय कर नमूने जांच के लिए भेजा
टीम के सदस्यों ने बताया कि घटना स्थल पर सभी बम निष्क्रिय कर दिए गए हैं। ऐसे में अब जमीन के अंदर लगाए गए पटाखों को हटा दिया गया है वहां कोई खतरा अब नहीं है। आशंका जताई गई कि जिस स्थान पर यह विस्फोट हुआ वहां सही तरीके से स्टैंड पर बम नहीं सेट किए गए थे। वहां पर हैंडपंप का चबूतरा है और बारिश में अर्थिंग की भी संभावना है। ऐसे में वहां पहुंचे बच्चों के छूने से शार्ट सर्किट हुआ होगा। इस संबध में एसपी अरूण कुमार सिंह ने कहा कि यह सब जांच का विषय है। सभी टीमें अपने स्तर से जांच कर रही हैं। जो रिपोर्ट दर्ज हुई है उसमें आगे की कार्रवाई की जा रही है। आतिशबाजी वाली कंपनी के नामजद हर्ष कामदार व पंकज जाट से पूछताछ जारी है।

तीन डाक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
हादसे में मोहित व प्रभात की मौत चित्रकूट में ही हो गई थी। प्रयागराज में यश व पारस की मौत हुई। मोहित व प्रभात का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल से वीडियो रिकार्डिंग कराकर कराया गया। इसके बाद पुलिस ने परिजनों की सहमति से सीधे श्मशान घाट ले जाकर अंतिम संस्कार कराया गया। प्रयागराज में पारस व यश का पोस्टमार्टम हुआ। इसमें यश का अंतिम संस्कार प्रयागराज में हुआ जबकि पारस के शव को लेकर पुलिसकर्मी उसके घर पहुंचे इसके बाद अंतिम संस्कार कराया गया।

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