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पूर्णागिरि मेला नजदीक, मार्गों के हाल बदहाल
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Sun, 08 Feb 2015 11:16 PM IST
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उत्तर भारत का प्रसिद्ध मां पूर्णागिरि मेला नजदीक है, लेकिन बरसात में क्षतिग्रस्त हुए मार्गों के हाल बदहाल हैं। करीब 24 किलोमीटर लंबे मार्ग में आधा दर्जन स्थान डेंजर जोन बने हुए हैं। मोटर मार्ग ही नहीं भैरव मंदिर से ऊपर मुख्य मंदिर तक पैदल मार्ग भी कई स्थानों में क्षतिग्रस्त हैं। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद भी लोनिवि और जिला पंचायत ने मार्गों की मरम्मत का काम शुरू नहीं किया है।
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वैसे तो पूर्णागिरि में साल भर श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है, लेकिन होली के तुरंत बाद शुरू होने वाले मेले में आवाजाही खासी बढ़ जाती है। इस बार सात मार्च से मेला शुरू हो रहा है। प्रशासन ने बैठक ले व्यवस्थाएं तय कर ली हैं और मेले से पहले सभी व्यवस्थाएं ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं, मगर क्षतिग्रस्त मार्गों के हाल सुधारने का काम अभी शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में मेले से पहले सड़क की दशा सुधर पाएगी इसमें संदेह है। गैंड़ाखाली के पास किरोड़ा रोखड़ में निर्मित कोजवे करीब 100 मीटर क्षतिग्रस्त होने से हादसे का खतरा बना हुआ है। भैरव मंदिर ऊपर लोनिवि का पैदल मार्ग जगह-जगह क्षतिग्रस्त पड़ा है। टुन्यास और भैरव मंदिर से नीचे पैदल मार्ग कई जगह डेंजर जोन बना हुआ है।
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लोनिवि और जिला पंचायत को जिलाधिकारी द्वारा शीघ्र मार्गों की मरम्मत शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग इसमें लापरवाही बरतेगा तो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जसवंत सिंह राठौर, उप जिलाधिकारी और मेला मजिस्ट्रेट पूर्णागिरि।
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