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UP BOARD: ऐसे रोकी जाएगी नकल
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 23 Feb 2014 02:19 PM IST
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प्राथमिक शिक्षा अगर नींव है तो माध्यमिक शिक्षा को कॅरियर का तना कह जा सकता है।
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कॅरियर की दशा और दिशा दोनों माध्यमिक शिक्षा पर ही टिके होते हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण माध्यमिक शिक्षा उपलब्ध कराना बहुत जरूरी है।
इसके साथ ही एक शिक्षा अधिकारी होने के नाते मेरी जिम्मेदारी है कि अंकपत्र जो स्थिति बयां कर रहा हो, विद्यार्थी भी उसी स्तर का हो।
ऐसा तभी संभव है, जब हमारी परीक्षा प्रणाली और सुदृढ़ हो, इसलिए बोर्ड परीक्षा में इस बार पूरी व्यवस्था की गई है कि नकल रोकी जा सके।
सभी कक्ष निरीक्षकों को परिचय पत्र जारी किए गए हैं। बिना परिचय पत्र के किसी भी शिक्षक को कक्ष निरीक्षण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
साढ़े चार हजार शिक्षकों के आवेदन मिले
परीक्षा केंद्र बनाने के बाद हमारा पहला ध्यान कक्ष निरीक्षण में पारदर्शिता बरतना था, इसीलिए हमने सभी विद्यालयों से कक्ष निरीक्षण के लिए शिक्षकों का ब्यौरा देने को कहा था।
न देने पर नॉमिनल रोल रोकने की बात कही गई थी, इसलिए साढ़े चार हजार शिक्षकों के आवेदन कक्ष निरीक्षण के लिए प्राप्त हुए हैं। सभी शिक्षकों को न्यूनतम 20 ड्यूटी भी करनी है। इससे परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षकों की कमी महसूस नहीं होगी।
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आईकार्ड न लगाने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई
कक्ष निरीक्षण ड्यूटी के लिए सभी साढ़े चार हजार शिक्षकों को परिचय पत्र जारी किए गए हैं। बिना परिचय पत्र के कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी। परीक्षा के दौरान शिक्षकों को भी अपना परिचय पत्र लगाना होगा।
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ऐसा न करने वाले कक्ष निरीक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शिक्षकों को दूसरे विद्यालयों में ड्यूटी करनी होगी।
इससे किसी तरह के पक्षपात की आशंका भी नहीं रहेगी। ड्यूटी लगाते समय इस बात का ध्यान रखा गया है कि शिक्षकों की ज्यादा दूर के विद्यालयों में ड्यूटी न लगाई जाए।
नहीं रहेगी भ्रम की स्थिति
बोर्ड परीक्षा शुरू होने से पहले सारे शिक्षकों के पास इस बात की सूचना होगी कि उन्हें किस विद्यालय में ड्यूटी करनी है। वहीं, विद्यालयों को भी यह पता होगा कि उनके यहां कौन से शिक्षक कक्ष निरीक्षण ड्यूटी करने के लिए आने वाले हैं।
बोर्ड परीक्षा सामग्री (प्रवेशपत्र और नॉमिनल रोल) आदि के वितरण के समय ही विद्यालयों को दोनों सूचियां दी जा रही हैं।
ऑनलाइन डाटा से किया गया मिलान
कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाने में इस बार विशेष सावधानी बरती गई है। नौवीं और 11वीं कक्षा के पंजीकरण के समय भरे गए डाटा का प्रयोग शिक्षक ड्यूटी लगाने के लिए किया गया है।
विद्यालयों द्वारा कक्ष निरीक्षक के लिए दिए शिक्षकों के ब्यौरे का ऑनलाइन सूचना से मिलान करने के बाद ही परिचय पत्र जारी किए गए हैं। ऑनलाइन डाटा जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में भविष्य के लिए भी प्रयोग में आ सकेगा।
संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों पर तैनात होंगे पर्यवेक्षक
बोर्ड परीक्षा के लिए इस बार राजधानी में संवेदनशील और अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों की संख्या कुल मिलाकर 35 है।
जिला प्रशासन के सहयोग से सभी संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों में पर्यवेक्षकों की तैनाती की जाएगी। ये पर्यवेक्षक परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र पर मौजूद रहेंगे।