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कण्वाश्रम के विकास के लिए बनेगी कार्ययोजना:सुरेंद्र
ब्यूरो/ अमर उजाला कोटद्वार
Updated Sat, 06 Feb 2016 06:34 PM IST
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जहां देश को नाम देने वाले चक्रवर्ती सम्राट भरत ने जन्म लिया हो, वह स्थान छोटा कैसे हो सकता है। मुख्यमंत्री हरीश रावत खुद कण्वाश्रम के विकास और देश की पहचान बनाने के लिए प्रयासरत है। 12 फरवरी को वसंत पंचमी पर मुख्यमंत्री भरत महोत्सव में शामिल होने के लिए कण्वाश्रम पहुंच रहे हैं। कलालघाटी को कण्वघाटी के नाम से जाना जाएगा। यह बात स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण मंत्री सुरेंद्र सिंह रावत ने कण्वाश्रम पर आयोजित अधिकारियों और नागरिकों की बैठक में कही। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कण्वाश्रम के समग्र विकास पर कार्ययोजना बनाने के लिए उनकी अध्यक्षता में एक कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं, जिसके सचिव जिलाधिकारी गढ़वाल होंगे।
स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने कण्वाश्रम के विकास पर मंथन के लिए शनिवार को यहां लोनिवि गेस्ट हाउस में अधिकारियों और क्षेत्रवासियों की बैठक बुलाई थी। जिसमें कण्वाश्रम के विकास के प्रति सरकारी मंशा जताते हुए सुझाव मांगे गए। मंत्री ने कहा कि कण्वऋषि की जन्म स्थली एवं महर्षि कण्व की तपोभूमि को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। कहा कि कण्वाश्रम के विकास को एक दिशा दिए जाने के लिए कण्वाश्रम, देहरादून तथा दिल्ली में सेमिनार किए जाएंगे। वसंत पंचमी के दिन कण्वाश्रम में एक गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। बताया कि कण्वाश्रम के विकास के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। डू समथिंग सोसाइटी के अध्यक्ष मयंक प्रकाश कोठारी ने कोटद्वार को कण्व नगरी तथा कलालघाटी का नाम कण्वघाटी करने की मांग की। जिसे स्वीकार कर लिया गया। राजकीय स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय के हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष डा. नंद किशोर ढ़ौंडियाल ने कण्वाश्रम के समग्र विकास की गतिविधियों को संचालित करने के लिए निदेशक, उपनिदेशक, सहायक निदेशक सहित प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्त करने का सुझाव दिया। इस मौके पर जिलाधिकारी चंद्रशेखर भट्ट, ब्लॉक प्रमुख सुरेश असवाल, कांग्रेस नगर अध्यक्ष संजय मित्तल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दिनेश बलोदी, पूर्व डीआईजी बलराम सिंह नेगी, डा. गोविंद सिंह बिष्ट, लक्ष्मीचन्द्र शास्त्री, प्रकाश कोठारी, चन्द्रमोहन बिंजोला, चक्रधर शर्मा कमलेश, मनीष भट्ट, डा. नंद किशोर जखमोला आदि मौजूद थे।
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स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने कण्वाश्रम के विकास पर मंथन के लिए शनिवार को यहां लोनिवि गेस्ट हाउस में अधिकारियों और क्षेत्रवासियों की बैठक बुलाई थी। जिसमें कण्वाश्रम के विकास के प्रति सरकारी मंशा जताते हुए सुझाव मांगे गए। मंत्री ने कहा कि कण्वऋषि की जन्म स्थली एवं महर्षि कण्व की तपोभूमि को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। कहा कि कण्वाश्रम के विकास को एक दिशा दिए जाने के लिए कण्वाश्रम, देहरादून तथा दिल्ली में सेमिनार किए जाएंगे। वसंत पंचमी के दिन कण्वाश्रम में एक गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। बताया कि कण्वाश्रम के विकास के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। डू समथिंग सोसाइटी के अध्यक्ष मयंक प्रकाश कोठारी ने कोटद्वार को कण्व नगरी तथा कलालघाटी का नाम कण्वघाटी करने की मांग की। जिसे स्वीकार कर लिया गया। राजकीय स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय के हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष डा. नंद किशोर ढ़ौंडियाल ने कण्वाश्रम के समग्र विकास की गतिविधियों को संचालित करने के लिए निदेशक, उपनिदेशक, सहायक निदेशक सहित प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्त करने का सुझाव दिया। इस मौके पर जिलाधिकारी चंद्रशेखर भट्ट, ब्लॉक प्रमुख सुरेश असवाल, कांग्रेस नगर अध्यक्ष संजय मित्तल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दिनेश बलोदी, पूर्व डीआईजी बलराम सिंह नेगी, डा. गोविंद सिंह बिष्ट, लक्ष्मीचन्द्र शास्त्री, प्रकाश कोठारी, चन्द्रमोहन बिंजोला, चक्रधर शर्मा कमलेश, मनीष भट्ट, डा. नंद किशोर जखमोला आदि मौजूद थे।
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