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जल्दी ही दूर हो जाएंगी बीएसएनएल की खामियां
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Sun, 18 Aug 2013 03:36 PM IST
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सीजीएम, बीएसएनएल
मैं जानता हूं कि बीएसएनएल घाटे में चल रही है। कॉल ड्राप और नेटवर्क को लेकर परेशानी आ रही है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं की एक बड़ी संख्या बीएसएनएल के साथ जुड़ी हुई है।
क्योंकि खामियों से अलग हमारी कई खूबियां जैसे सस्ते टैरिफ प्लान, रिमोट एरिया में भी नेटवर्क उपभोक्ताओं को खासी लुभाती हैं। रही बात नेटवर्क और कॉल ड्राप जैसी समस्याओं की, तो मार्च 2014 तक ये सभी दूर हो जाएंगी।
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टॉवरों की संख्या बढ़ाई जाएगी
कॉल ड्राप और नेटवर्क की समस्या को दूर करने के लिए जेट टीई कंपनी लखनऊ के साथ कानपुर, उन्नाव व सीतापुर में नए टॉवर लगाएगी। इसका काम शुरू हो गया है। लखनऊ में करीब 50 नए टॉवर लगेंगे। जबकि पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुल 1000 बीटीएस टॉवर लगेंगे और 13 लाख फोन कनेक्शन की क्षमता वाली केबल बिछेंगी। यह काम होने के बाद नेट की स्पीड काफी अच्छी हो जाएगी।
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स्टूडेंट्स के लिए लाएंगे सस्ते प्लान
बीएसएनएल यूपी सरकार द्वारा लैपटॉप पाने वाले छात्रों को ध्यान में रखते हुए इंटरनेट सेवा के सस्ते प्लान ला रही है। नए प्लान में उन्हें डाटा कार्ड भी फ्री मिलेगा और रोमिंग फ्री सेवा भी मिलेगी ताकि छात्र लैपटॉप में इंटरनेट की सुविधा के जरिए कहीं भी अपनी पढ़ाई को बेहतर बना सकें। यही नहीं सभी इंटरनेट प्लॉन को टूजी के बजाए थ्रीजी कर दिया गया है ताकि बिना बफरिंग के नेट की तेज स्पीड मिलती रहे।
गांवों में सरकार को खोलने चाहिए कैफे
पहले सपना देखा गया था कि हर हाथ में मोबाइल हो। अब लक्ष्य है कि छोटे से छोटे और दूरस्थ इलाकों में इंटरनेट की बेहतरीन सुविधा उपलब्ध हो। बीएसएनएल इसके लिए तैयारी कर रही है। लेकिन मेरा मानना है कि सरकार को भी इसमें कुछ और पहल करनी चाहिए। गांवों में इंटरनेट कैफे खोले जाने चाहिए।
लखनऊ के आठ ब्लॉकों और 512 ग्राम पंचायतों समेत यूपी ईस्ट के क्षेत्र में आने वाली 37,455 ग्राम पंचायतों में से दस हजार में मार्च 2014 तक नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क बिछ जाएगा। इंटरनेट की सेवा को गांव-गांव तक पहुंचाने की इस योजना में बीएसएनएल के साथ गेल और रेलटेल का भी सहयोग रहेगा।
पूरी तरह से है ट्रांसपेरेंसी
हमारे पास इतना ज्यादा बजट नहीं है कि विज्ञापन या प्रोमोशन पर ज्यादा खर्च किया जा सके। सस्ते प्लान और ट्रैरिफ ही हमारी यूएसपी हैं। बीएसएनएल में पूरी तरह से ट्रांसपेरेंसी है। जो भी नया प्लान लाते हैं वह उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद होता है। उसमें कोई भी टैक्स छुपा नहीं होता है।