नए साल तक सभी सिटी बसों में सीसीटीवी कैमरे
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शहर बहुत तेजी से बढ़ रहा है। खासकर गोमती नगर एक्सटेंशन, सीतापुर रोड, रायबरेली रोड और अन्य बाहरी इलाकों में तेजी से कॉलोनियां बन रही हैं।
लोग रह रहे हैं तो सुविधाएं उपलब्ध कराना भी हमारी जिम्मेदारी है। कोशिश यही है कि इन सभी इलाकों को सिटी बस सेवा से जोड़ा जाए।
इसके लिए तेजी से प्रयास चल रहे हैं। हम अगले साल तक कई नए इलाकों में सिटी बस सेवा शुरू कर देंगे।
महिलाओं की सुरक्षा बड़ा मुद्दा है। हमारी भी चिंता यही है कि महिलाएं सुरक्षित सफर कर सकें। इसके लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। एक बस में अभी कैमरा लगाया गया है।
नए साल में सभी सिटी बसों में सीसीटीवी कैमरे लग जाएंगे। इन कैमरों के जरिए हम बसों में छेड़खानी करने वालों और महिलाओं की सीट पर बैठने वालों पर नजर रख सकेंगे।
सखी बस का विकल्प तलाशेंगे
सखी बस सेवा फिर से शुरू करने पर भी बात हुई थी। समीक्षा में यह बात निकल कर आई थी कि पहले यह सेवा सफल नहीं हुई थी। इसकी वजह यह थी कि ज्यादातर लोग परिवार के साथ चलते हैं।
महिलाएं अपने भाई या पति के साथ चलना चाहती हैं। लेकिन महिलाओं के लिए खास सेवा में वे नहीं बैठ सकते। यही वजह है कि पिछली बार ये बसें खाली चलती रहीं। अब कोई दूसरा विकल्प तलाशने की कोशिश की जा रही है।
अर्बन ट्रांसपोर्ट फंड बने तो दूर हो संकट
केंद्र की पहल पर यहां अर्बन ट्रांसपोर्ट फंड का गठन किया जाना है। उसके लिए प्रयास चल रहे हैं। राज्य सरकार भी जल्द ही इसके गठन की तैयारी कर रही है। उससे आर्थिक तंगी काफी हद तक दूर हो जाएगी।
हम खराब बसों को भी ठीक कराएंगे। कुछ नई बसें चलाने की कोशिश करेंगे। अपने स्तर से भी धन की व्यवस्था कर रहे हैं। सीएनजी के दाम अक्सर बढ़ते हैं। इससे दिक्कतें आ रही हैं। हम रोजाना किराया घटा-बढ़ा नहीं सकते।
अब अनुमान के आधार पर ऐसी व्यवस्था करेंगे ताकि हमें घाटा न हो और जनता पर भी बोझ न पड़े। त्योहार और छुट्टियों में बसें खाली चलती हैं। आने वाला समय ठीक है क्योंकि दीपावली के बाद लगातार ज्यादा छुट्टियां नहीं होंगी।
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