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पाताली महादेव के दर्शन को उमड़ते भक्त

Mon, 10 Aug 2015 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर Updated Mon, 10 Aug 2015 12:24 AM IST
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Boisterous Patali philosophy devotee of Lord Shiva

खजुहा विकास खंड के गांव गहरूखेड़ा के पास रिंद नदी के किनारे बाबा भरथरी मंदिर में पाताली महादेव के दर्शन को सैकड़ों भक्तों की भीड़ लगती है। यहां पूरे वर्ष श्रावण मास की तरह ही शिव भक्तों की भीड़ लगी रहती है। अन्य प्रदेशों से लोग मन्नतें पूरी होने पर यज्ञ, रूद्राभिषेक, शिव चालीसा पाठ, महा मृत्युंजय जप आदि धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन करते हैं।

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पौराणिक मान्यता है कि हजारों वर्ष पूर्व रिंद नदी के किनारे लोगों ने घने जंगल में शिवलिंग देखा। मान्यता है कि लोगों ने शिवलिंग को निकालकर गांव के अंदर बस्ती में स्थापित करने के लिए खुदाई कराया। भरसक प्रयास के बाद चारों तरफ पानी निकल आया, लेकिन शिवलिंग नहीं निकाल पाए। तभी यहां ग्रामीणों ने मठ बनवा दिया था। यहां घुमंतू जाति बंजारों ने डेरा डाल दिया था। मठ की महिमा का प्रचार-प्रसार होने के साथ ही कुछ समय बाद भक्तों ने मंदिर का निर्माण कराया। समय समय पर भक्त मंदिर का जीर्णोद्धार कराते रहते हैं।
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महाशिवरात्रि पर लगता है मेला
महाशिवरात्रि को तीन दिवसीय लगने वाले मेले में प्रतिवर्ष फतेहपुर के बांदा, हमीरपुर, घाटमपुर, कानपुर आदि जनपदों से आने वाले भक्त मन्नतें मानते हैं। उनकी मुराद पूरी होने पर घंटा, प्रसाद चढ़ाते हैं। इधर विगत 40 वर्षों से मंदिर की व्यवस्था बांदा जनपद के रहने वाले नेत्रहीन महंत श्रवण जी महराज ने संभाल रखी है।

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