Bihar : विपक्षी एकता से पहले 17 जून को बिहार में हो रही चार राज्यों की बैठक, GK के लिए जानें हर सवाल का जवाब
17 जून को पटना में पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक होने वाली है। इस परिषद में बिहार, झारखंड, ओड़िसा और पश्चिम बंगाल राज्य शामिल हैं। आइए समझते हैं पूर्वी क्षेत्रीय परिषद के बारे में...
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विपक्षी एकता की बैठक से पहले 17 जून को बिहार पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक की मेजबानी करने जा रही है। पटना के संवाद भवन में बिहार, बंगाल, झारखंड और ओडिशा के प्रतिनिधि जुटेंगे। पिछली बार जब बंगाल में यह बैठक हुई थी तो इसकी अध्यक्षता गृह मंत्री अमित शाह ने की थी। इसमें बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और उड़ीसा सरकार के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। लेकिन, इस बार की बैठक में गृह मंत्री या अन्य किसी राज्य के मंत्री की आने की सूचना अब तक नहीं मिली है। अधिकारियों के मुताबिक इस बैठक के लिए बिहार प्रशासनिक सेवा के 20 अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की है। इस बार की बैठक में चार राज्यों के मुख्य सचिव और वरीय अधिकारी मुद्दों पर विचार विमर्श करेंगे। बैठक में बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सारी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। आइए सवाल और जवाब के जरिए जानते हैं इस बैठक के बारे में...
सवाल - क्षेत्रीय परिषद क्या है?
- जवाब - देश में केंद्र और राज्यों के बीच मिलकर काम करने की संस्कृति विकसित करने के लिए राज्य पुनर्गठन अधिनियम , 1956 के अंतर्गत क्षेत्रीय परिषदों का गठन किया गया था।
सवाल - परिषद के क्या कार्य और अधिकार हैं?
- जवाब - इन्हें यह अधिकार दिया गया है कि राज्य आर्थिक और सामाजिक योजना के क्षेत्र में आपसी हित से जुड़े किसी भी मुद्दे पर विचार-विमर्श कर उसका समाधान करें। इसके अलावा भाषायी, अल्पसंख्यक, अंतर्राज्यीय परिवहन जैसे कई साझा हित के मुद्दों पर चर्चा की जाती है। इसकी बैठक में नए बिन्दुओं को समाहित करने के अलावा क्षेत्रीय परिषद की पूर्व की बैठक में लिए गए निर्णयों के संदर्भ में हुई प्रगति की आकलन किया जाता है।
सवाल - इसके उद्देश्य क्या-क्या हैं?
- जवाब - सबसे पहला और अहम उद्देश्य है राष्ट्रीय एकीकरण के सिद्धांत को साकार करना। तीव्र राज्यक संचेतना, क्षेत्रवाद तथा विशेष प्रकार की प्रवृत्तियों के विकास के रोकथाम के लिए तत्काल जरूरी कदम उठाना। केंद्र एवं राज्यों को विचारों एवं अनुभवों का आदान-प्रदान करने तथा सहयोग करने के लिये सक्षम बनाना। इसके लिए केंद्र और राज्य में चल रहे विकास परियोजनाओं के सफल एवं तीव्र निष्पादन के लिये राज्यों के बीच सहयोग के वातावरण की स्थापना करना।
सवाल - क्षेत्रीय परिषद के संगठनात्मक ढांचा क्या है?
- जवाब - गृह मंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं। वहीं क्षेत्रीय परिषद में शामिल राज्य के सीएम रोटेशन से एक साल की अवधि के लिए उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करते हैं। इसके अलावा सीएम और राज्यपाल द्वारा नामित दो अन्य मंत्री और परिषद में शामिल किए गए संघ राज्य क्षेत्रों के दो सदस्य इसमें शामिल होते हैं।
सवाल - पिछले 5 साल में कितनी बैठक हुई और कितने मुद्दों पर चर्चा हुई?
- जवाब - पिछले 5 साल में 16 क्षेत्रीय परिषद की बैठक हुई। इसमें राज्याें के बीच 750 से अधिक मुद्दों पर चर्चा की गई। इनमें से 500 मुद्दों का समाधान विचार विमर्श के जरिए किया गया।
सवाल - बैठक में किन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की संभवाना है?
- जवाब - अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित हैं। खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, माओवादी, बिहार, झारखंड और ओडिशा में फिर से संगठित होकर अशांति फैलाने की योजना बना रहे हैं। इसके कई साक्ष्य भी पाए गए हैं। हाल में ही बिहार और झारखंड में सुरक्षा एजेंसिंयों द्वारा इसके विरुद्ध अभियान भी चलाए गए हैं। साथ ही गृह मंत्रालय द्वारा राज्यों को आवश्यक कदम उठाने के लिए परामर्श भी भेजे गए हैं।
सवाल - हाल के दिनों में हुई हिंसा के मुद्दों पर चर्चा की संभावना है?
- जवाब - रामनवमी जुलूस के दौरान राज्यों में कई जगह हिंसा हुई थी। इससे शांति व्यवस्था बिगड़ी थी। साथ ही बिहार, बंगाल और झारखंड में लिचिंग के मामले बढ़े हैं। उदाहरण के तौर पर देखें तो बंगाल में टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं की बीच हिंसक झड़प, बिहार के नालंदा और सासराम में दो पक्षों में बीच हिंसक झड़प, झारखंड में तबरेज अंसारी लिचिंग केस जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार की नजर है। इन मुद्दो पर भी चर्चा की संभावना है।
सवाल - इसके अलावा किस-किस मुद्दों पर चर्चा की संभावना है?
- प्रधानमंत्री आवास योजना, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन अपराध/बलात्कार के मामलों, भारत-बांग्लादेश सीमा पर मवेशियों की तस्करी और अवैध परिवहन की रोकथाम जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
सवाल - पूर्वी क्षेत्रीय बैठक की 25वीं बैठक पर किस-किस मुद्दों पर चर्चा हुई थी?
- जवाब - 25वीं बैठक गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई थी। इसमें कहा गया था कि पूर्वी क्षेत्र में नारकोटिक्स की रोकथाम के लिए नेशनल नारकोटिक्स कॉडिनेशन की जिला स्तरीय संरचना और उसकी नियमित बैठकें सुनिश्चित करें। ड्रग्स के विरुद्ध अभियान में तेजी लाने की आवश्यक कदम उठाना अनिवार्य है।