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जेल भेजे गए अमर मणि, मधु मणि और मारकंडेय
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 12 Dec 2015 10:18 PM IST
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गोरखपुर। मेडिकल कॉलेज से अमर मणि और मधु मणि अलग-अलग रास्तों से दो एंबुलेंस में मंडलीय कारागार पहुंचे। मधुमणि जेल के मुख्य गेट पर उतर गईं, जबकि अमरमणि की एंबुलेंस जेल के अंदर गई। गेट पर तलाशी के बाद मधुमणि को महिला बैरक भेज दिया गया, जबकि अमरमणि से जेल अधिकारियों ने पूछताछ की।
मेडिकल कॉलेज के प्राइवेट वार्ड में शुक्रवार की सुबह दस बजे से ही हलचल शुरू हो गई थी। जेल से एंबुलेंस के मेडिकल कॉलेज पहुंचते ही अमरमणि, मधुमणि और मारकंडेय शाही का शिफ्ट होना तय माना जा रहा था। दोपहर 1:25 मिनट पर अमरमणि काले मफलर से मुंह ढके हुए सीढ़ियों से उतरते ही सीधे एंबुलेंस में जाकर लेट गए।
इसके बाद मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी गेट से एंबुलेंस उन्हें लेकर जेल की तरफ चल पड़ी। उनके निकलने के पांच मिनट बाद मधुमणि दूसरी एंबुलेंस में आकर बैठ र्गइं। उनकी एंबुलेंस मेडिकल कॉलेज के दूसरे रास्ते से होते हुए जेल की तरफ गई। हालांकि दोनों एंबुलेंस एक साथ ही मंडलीय कारागार के गेट पर पहुंची थीं।
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जेल के मुख्य गेट से पहले मधुमणि उतरकर गेट पर खड़ी हो गईं। गेट न खुलने पर उन्हें कुछ देर इंतजार करना पड़ा। कागजात देखने के बाद उन्हें अंदर जाने दिया गया। तलाशी के बाद उन्हें महिला बैरक में भेज दिया गया। कयास लगाया जा रहा था कि अमरमणि भी उतरकर जाएंगे, लेकिन उनकी एंबुलेंस जेल के अंदर चली गई। वहां से अमरमणि सीधे जेलर के
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मेडिकल कॉलेज के प्राइवेट वार्ड में शुक्रवार की सुबह दस बजे से ही हलचल शुरू हो गई थी। जेल से एंबुलेंस के मेडिकल कॉलेज पहुंचते ही अमरमणि, मधुमणि और मारकंडेय शाही का शिफ्ट होना तय माना जा रहा था। दोपहर 1:25 मिनट पर अमरमणि काले मफलर से मुंह ढके हुए सीढ़ियों से उतरते ही सीधे एंबुलेंस में जाकर लेट गए।
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इसके बाद मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी गेट से एंबुलेंस उन्हें लेकर जेल की तरफ चल पड़ी। उनके निकलने के पांच मिनट बाद मधुमणि दूसरी एंबुलेंस में आकर बैठ र्गइं। उनकी एंबुलेंस मेडिकल कॉलेज के दूसरे रास्ते से होते हुए जेल की तरफ गई। हालांकि दोनों एंबुलेंस एक साथ ही मंडलीय कारागार के गेट पर पहुंची थीं।
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जेल के मुख्य गेट से पहले मधुमणि उतरकर गेट पर खड़ी हो गईं। गेट न खुलने पर उन्हें कुछ देर इंतजार करना पड़ा। कागजात देखने के बाद उन्हें अंदर जाने दिया गया। तलाशी के बाद उन्हें महिला बैरक में भेज दिया गया। कयास लगाया जा रहा था कि अमरमणि भी उतरकर जाएंगे, लेकिन उनकी एंबुलेंस जेल के अंदर चली गई। वहां से अमरमणि सीधे जेलर के