{"_id":"cea5d441e96ffaac98c6fba3fc84b5b2","slug":"actress-chitangada-singh-interview","type":"story","status":"publish","title_hn":"'फिट रहना है तो जिम नहीं रन कीजिये'","category":{"title":"City and States Archives","title_hn":"शहर और राज्य आर्काइव","slug":"city-and-states-archives"}}
'फिट रहना है तो जिम नहीं रन कीजिये'
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 27 Jun 2014 03:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिट रहना है तो जिम की जरूरत नहीं है, बल्कि रनिंग करके आप खुद को चुस्त-दुरुस्त रख सकते हैं। अभिनय हो या फिर खेल जब तक आप फिट रहोगे, तभी तक अपने कैरियर को लंबा खींच सकते हो। यह कहना है बॉलीवुड अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह का।
विज्ञापन
वह शहर में 6 जु़लाई को होने वाली मैराथन को प्रमोट करने सेक्टर-17 के होटल पहुंचीं। मॉडलिंग के बाद ‘हजारों ख्वाहिशें ऐसी’ से अपना फिल्मी कैरियर शुरू करने वाली चित्रांगदा सिंह के बारे में कम ही लोगों को पता होगा कि वह स्पोर्ट्स में भी काफी रुचि रखती हैं।
विज्ञापन
वह स्क्वैश, गोल्फ के साथ किक बॉक्सिंग की माहिर खिलाड़ी हैं। इन्हीं खेलों के सहारे वह अपने को पूरी तरह से फिट रखती हैं। चित्रांगदा कहती हैं कि स्पोर्ट्स मेरी जिंदगी का खास हिस्सा है। बॉलीवुड में अपने बिजी शेड्यूल के बावजूद रोजाना एक्सरसाइज और रनिंग के लिए समय निकालने से वह नहीं चूकती।
विज्ञापन
सिटी ब्यूटीफुल की खूबसूरती पर फिदा
चित्रांगदा की नजर में देश के अन्य शहरों की तुलना में चंडीगढ़ उनकेलिए सबसे पंसदीदा शहरों में से एक है। वह सिटी ब्यूटीफुल की खूबसूरती की कायल हैं। शहर को स्पोर्ट्स हब के नाम से भी जाना जाता है। यहां की हरियाली, चौड़ी सड़कें, खुले पार्क, छायादार पेड़ उन्हें अपनी और आकर्षित करते हैं। उनके अनुसार, चंडीगढ़ एक साफ सुथरा और शानदार सिटी है। सड़कों के किनारे बने साइकिल ट्रैक किसी अन्य शहर में देखने को नहीं मिलते हैं।
चित्रांगदा सिंह कहती हैं कि अगर आपको फिट रहना है तो रनिंग आपके जीवन में बड़ा रोल अदा कर सकती है। उनके अनुसार, जरूरी नहीं कि बढ़े हुए वेट वाले लोगों को ही रनिंग करनी चाहिए। आम आदमी भी अपने को रनिंग के जरिए चुस्त और फिट रख सकते हैं।
चित्रागंदा कहती हैं कि लड़कों के मुकाबले लड़कियों को भी खेलों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। स्कूल और मां-बाप लड़कियों को स्पोर्ट्स में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
ऐसी रखती हैं अपने को फिट
चित्रांगदा ने बताया कि वह अपने को फिट रखने के लिए सप्ताह में पांच बार किक बॉक्सिंग का अभ्यास करती हैं। इसी के साथ योगा और तैराकी भी करतीं हैं।
गोल्फ में हाथ अजमाने से नहीं चूकती
चित्रांगदा सिंह ने बताया वह भाई के साथ गोल्फ खेला करती थीं। उन्होंने बताया 1989 में मेरठ गोल्फ कोर्स में खेलते हुए जीती थीं।
बैक पैकर्स पंसदीदा कैफे
चित्रांगदा ने कहा कि शहर में बैक पैकर्स पंसदीदा रेस्त्रां में से एक है। वह जब भी शहर में आती हैं तो यहां जरूर जाती हैं। इनके साथ ही चिकन और फिश खाना पसंद है।