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हौजखास, सीपी, खान मार्केट में आग का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो / नई दिल्ली
Updated Sat, 30 Dec 2017 02:04 AM IST
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सीपी
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मुंबई के पॉश इलाके में आगजनी की बड़ी घटना के बाद भी देश की राजधानी में कोई अलर्ट जारी नहीं किया है। यहां के कनॉट प्लेस, खान मार्केट और हौजखास जैसे इलाके आग के गंभीर खतरे में हैं। दिल्ली अग्निशमन विभाग के अनुसार, कनॉट प्लेस के तीनों सर्कल को मिलाकर 114 रेस्तरां को एनओसी दी गई है, जबकि यहां छोटे-बड़े करीब 250 रेस्तरां-बार हैं।
हौजखास और खान मार्केट के हालात तो और भी बुरे हैं। नए साल का जश्न मनाने के लिए युवाओं की मुख्य पसंद में शामिल इन दोनों ही इलाकों में महज चार-चार रेस्तरां को एनओसी मिला है। इन सबके अलावा दक्षिण नगर निगम क्षेत्र में कुल 4328 रेस्तां हैं। इनमें से 23 को सील किया जा चुका है, जबकि 1739 इमारतों को नियमों का पालन नहीं करने पर नोटिस दिया जा चुका है।
बहरहाल, इन आंकड़ों से साफ है कि मुंबई जैसे हालात दिल्ली में कभी भी पैदा हो सकते हैं। अग्निशमन विभाग के निदेशक जीसी मिश्रा ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि जिन रेस्तरां या बार में 50 या उससे ज्यादा सीट होती हैं, वह विभाग के दायरे में आते हैं। इन्हें लाइसेंस लेने से पहले विभागीय नियमों की परीक्षा देनी होती है। लाइसेंस देने का काम एमसीडी का है।
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नियमों का उल्लंघन करने वाले बड़ी चतुराई के साथ इसे हासिल कर लेते हैं। उनका कहना है कि दिल्ली पुलिस और एमसीडी ही ऐसी इमारतों, रेस्तरां और बार के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं। अग्निशमन विभाग के पास केवल एनओसी देने या न देने का अधिकार है। मिश्रा कहते हैं कि दिल्ली में बिल्कुल वहीं हालात हैं, जो मुंबई के कमला मिल्स इलाके में दिखे हैं।
पढ़ें- मुंबई आगः सामने आए प्रत्यक्षदर्शी, बताया कैसे फंस-फंसकर मरे लोग
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हौजखास और खान मार्केट के हालात तो और भी बुरे हैं। नए साल का जश्न मनाने के लिए युवाओं की मुख्य पसंद में शामिल इन दोनों ही इलाकों में महज चार-चार रेस्तरां को एनओसी मिला है। इन सबके अलावा दक्षिण नगर निगम क्षेत्र में कुल 4328 रेस्तां हैं। इनमें से 23 को सील किया जा चुका है, जबकि 1739 इमारतों को नियमों का पालन नहीं करने पर नोटिस दिया जा चुका है।
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बहरहाल, इन आंकड़ों से साफ है कि मुंबई जैसे हालात दिल्ली में कभी भी पैदा हो सकते हैं। अग्निशमन विभाग के निदेशक जीसी मिश्रा ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि जिन रेस्तरां या बार में 50 या उससे ज्यादा सीट होती हैं, वह विभाग के दायरे में आते हैं। इन्हें लाइसेंस लेने से पहले विभागीय नियमों की परीक्षा देनी होती है। लाइसेंस देने का काम एमसीडी का है।
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नियमों का उल्लंघन करने वाले बड़ी चतुराई के साथ इसे हासिल कर लेते हैं। उनका कहना है कि दिल्ली पुलिस और एमसीडी ही ऐसी इमारतों, रेस्तरां और बार के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं। अग्निशमन विभाग के पास केवल एनओसी देने या न देने का अधिकार है। मिश्रा कहते हैं कि दिल्ली में बिल्कुल वहीं हालात हैं, जो मुंबई के कमला मिल्स इलाके में दिखे हैं।
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कनॉट प्लेस, खान मार्केट में होगी जांच
हौज खास
मुंबई की घटना के बाद नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने संज्ञान लेते हुए पब्लिक हेल्थ और अग्निशमन विभाग को सभी बार और रेस्तरां की जांच के आदेश दिए हैं। एनडीएमसी चेयरमैन नरेश कुमार का कहना है कि न्यू ईयर को लेकर अगले दो दिन नई दिल्ली एरिया में खासी भीड़ रहने वाली है। इसलिए किसी भी तरह की कोताही बरतने पर माफ नहीं किया जाएगा। जिनके यहां खामियां होंगी, उनके लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई होगी।
इसलिए कभी भी लग सकती है आग
जानकारों की मानें तो हौजखास ऐसी जगह है, जहां कभी भी आग का हादसा हो सकता है। यहां रेस्तरां और बार की भरमार है, लेकिन ज्यादातर बंद गलियारों में हैं। इनमें आने और जाने का एक ही रास्ता है। इतना ही नहीं, कई रेस्तरां तो भूलभुलैया जैसे बने हैं। यहां सूरज की रोशनी तक नहीं पहुंचती। ताज्जुब की बात है कि यहां आग लगने की कई घटनाएं भी हो चुकी हैं। इसी साल जनवरी में यहां एक रेस्तरां में आग लगी थी। इस पर काबू पाने में अग्निशमन विभाग को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था।
आंखों में धूल झोंक रहे बार वाले
अग्निशमन विभाग का कहना है कि दिल्ली में बार वाले आंखों में धूल झोंक रहे हैं। कई बार ऐसे हैं, जो 50 सीट से कम हैं। ऐसा करने से वे अग्निशमन विभाग के नियमों से बच जाते हैं। यही बार जब न्यू ईयर जैसे प्रोग्राम करते हैं तो वहां क्षमता से दोगुनी भीड़ होती है। अग्निशमन विभाग के नियमों को लेकर पूरी दिल्ली के हालात बुरे हैं। विभाग के आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली में केवल 398 रेस्तरां और बार के पास ही एनओसी है, जबकि इनकी संख्या कई हजार है।
यह हैं हालात
रेस्तरां/बार की संख्या एनओसी
दिल्ली अनगिनत 398
कनॉट प्लेस 250 114
खान मॉर्केट 150 4
हौजखास 110 4
राजौरी गार्डन 70 10
इसलिए कभी भी लग सकती है आग
जानकारों की मानें तो हौजखास ऐसी जगह है, जहां कभी भी आग का हादसा हो सकता है। यहां रेस्तरां और बार की भरमार है, लेकिन ज्यादातर बंद गलियारों में हैं। इनमें आने और जाने का एक ही रास्ता है। इतना ही नहीं, कई रेस्तरां तो भूलभुलैया जैसे बने हैं। यहां सूरज की रोशनी तक नहीं पहुंचती। ताज्जुब की बात है कि यहां आग लगने की कई घटनाएं भी हो चुकी हैं। इसी साल जनवरी में यहां एक रेस्तरां में आग लगी थी। इस पर काबू पाने में अग्निशमन विभाग को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था।
आंखों में धूल झोंक रहे बार वाले
अग्निशमन विभाग का कहना है कि दिल्ली में बार वाले आंखों में धूल झोंक रहे हैं। कई बार ऐसे हैं, जो 50 सीट से कम हैं। ऐसा करने से वे अग्निशमन विभाग के नियमों से बच जाते हैं। यही बार जब न्यू ईयर जैसे प्रोग्राम करते हैं तो वहां क्षमता से दोगुनी भीड़ होती है। अग्निशमन विभाग के नियमों को लेकर पूरी दिल्ली के हालात बुरे हैं। विभाग के आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली में केवल 398 रेस्तरां और बार के पास ही एनओसी है, जबकि इनकी संख्या कई हजार है।
यह हैं हालात
रेस्तरां/बार की संख्या एनओसी
दिल्ली अनगिनत 398
कनॉट प्लेस 250 114
खान मॉर्केट 150 4
हौजखास 110 4
राजौरी गार्डन 70 10