रिटायर्ड कर्नल बोले, डीएम की जांच कमेटी पर नहीं है भरोसा
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सेक्टर-29 निवासी रिटायर्ड कर्नल वीरेंद्र प्रताप सिंह चौहान ने बुधवार को अपने आवास पर प्रेसवार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह पुलिस-प्रशासन द्वारा गठित की गई जांच कमेटी से संतुष्ट नहीं हैं। एडीएम की जांच एसडीएम करेंगे तो वह कैसे न्याय दिला पाएंगे। प्रशासनिक अफसर ही साथी की बात मानेंगे।
वह डीएम की कमेटी से नहीं, बल्कि हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की टीम से न्यायिक जांच कराना चाहते हैं। जेल में उनसे काफी युवा मिलेे और करीब 60 फीसदी लोग वहां पर निर्दोष हैं जो केवल पुलिस की तानाशाही का शिकार हुए हैं। वीरेंद्र ने कहा कि उन्होंने ऐसे परिवार में जन्म लिया है जो संस्कारी है। वह देश और नारी की इज्जत करते हैं। एडीएम की पत्नी ने जो घिनौने आरोप उन पर लगाए हैं, वह बेबुनियाद हैं। छेड़छाड़ की बात छोड़ो, महिला को छुआ तक नहीं है, लेकिन छेड़छाड़ के नाम पर महिला और एडीएम ने कानून का गलत फायदा उठाया है। इस घटना की जानकारी देने के लिए सीएम से उन्होंने समय मांगा है।
यदि समय मिलता है तो वह एडीएम को निलंबित व गिरफ्तारी की मांग करेंगे और बेटे व पत्नी को भी गिरफ्तार कराएंगे। एडीएम की संपत्ति की जांच की भी मांग की गई है। उन्होंने कहा कि वह सेना के अधिकारियों का शुक्रगुजार करते हैं कि ऐसे समय में उनको सहयोग दिया और जेल से बाहर निकलवाया। पुलिस-प्रशासन ने उनके साथ कोई कसर ही नहीं छोड़ी थी। देश के लिए जान लड़ाने वाले व्यक्ति से अपराधियों की तरह व्यवहार किया गया। घटना के बाद कई बार आला अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन अधिकारियों ने एक नहीं सुनीं, बल्कि एडीएम के साथ मिलकर उसे किन-किन धाराओं में फंसाया जा सकता है। यह भी सलाह दी थी।
प्रशासनिक जिम्मेदारी से पहले कराई जाए देश की सेवा
उन्होंने कहा कि गंभीर धाराओं में मामला दर्ज होने के बाद भी एडीएम और उसका परिवार आराम से बाहर घूम रहा है। पुलिस ने अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं है। इसलिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज के नेतृत्व में ही न्यायिक जांच कराना चाहते हैं। वहीं, इस मौके पर किरण भारद्वाज ने कहा कि एडीएम रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पूरा अरुण विहार एक साथ है। इसके लिए सोसायटी में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।
अफसरों को पांच साल सेना में भेजा जाए। इसके बाद ही उनको प्रशासनिक सेवा में भेजा जाना चाहिए, ताकि अधिकारियों में देश की सेवा करने का जज्बा पैदा हो और जब वह प्रशासनिक पद पर रहकर भ्रष्टाचार न कर पाएं। इससे ही देश की नौकरशाही में बदलाव आएगा। वहीं, सेक्टर-29 निवासी रिटायर्ड कर्नल डॉ. जेपी सिंह ने कहा कि एडीएम ने गैराज से लेकर घर में भी दो पिलर लगाकर मकान के आगे बढ़ा लिया था जिससे वीरेंद्र के घर की विंडो बंद हो गई थी। इसी के विरोध में वीरेंद्र शिकायत कर रहे थे।
मारपीट का दूसरा वीडियो वायरल
एडीएम के साथी प्रॉपर्टी डीलर रोहित गुजराल और उनके बेटे द्वारा बैट से पीटने का वीडियो वीरेंद्र ने जारी किया है। इसमें एडीएम के बच्चों को ट्यूशन देने वाली शिक्षिका भी दिखाई दे रही है। आरोप है कि उसने भी मारपीट की थी।
ट्रेनिंग लेने आए युवक का करियर हुआ बर्बाद
वीरेंद्र के यहां ट्रेनिंग लेने आए अविनाश को भी जेल भेज दिया गया था। अविनाश के पिता ने बताया कि उन्होंने बेटे को सेना में अफसर बनाने का सपना देखा था, लेकिन एडीएम और उसकी पत्नी ने अविनाश को बदमाश बताकर जेल भिजवा दिया। 23 अगस्त को उसकी परीक्षा थी और उसी की तैयारी के लिए नोएडा आया था, लेकिन अब उसका करियर बर्बाद हो गया है।