सौगात: राजस्थान में पड़ीं चार नए मेडिकल कॉलेजों की नींव, पीएम बोले- 2014 तक छह AIIMS थे, आज 22 हो गए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राजस्थान को कई सौगातें दी हैं। उन्होंने वर्चुअल कार्यक्रम के जरिये पेट्रोरसायन प्रौद्योगिकी संस्थान, जयपुर का उद्घाटन किया। साथ ही उन्होंने चार नए मेडिकल कॉलेजों का शिलान्यास भी किया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से राजस्थान की राजधानी जयपुर में चार नए मेडिकल कॉलेजों का शिलान्यास किया। इसके अलावा उन्होंने पेट्रोरसायन प्रौद्योगिकी संस्थान,जयपुर(CIPET) का भी उद्घाटन किया। इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी मौजूद रहे। इस कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने अपना संबोधन भी दिया। उन्होंने कहा कि 100 साल की सबसे बड़ी महामारी ने दुनिया के हेल्थ सेक्टर के सामने अनेक चुनौतियां खड़ी कर दी। हर देश अपने-अपने तरीके से इस संकट से निपटने में जुटा है, भारत ने इस आपदा में आत्मनिर्भरता, अपने सामर्थ्य में बढ़ोतरी का संकल्प लिया है। राजस्थान में चार नए मेडिकल कॉलेज के निर्माण के कार्य का प्रारंभ और जयपुर में इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स टेक्नोलॉजी का उद्घाटन इसी दिशा में एक अहम कदम है। मैं राजस्थान के सभी नागरिकों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।
देश में छह एम्स से आगे बढ़कर 22 हो गए: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि चाहे मेडिकल कॉलेज हो या फिर एम्स जैसे सुपर स्पेशियल्टी अस्पताल हों, इनका नेटवर्क देश के कोने-कोने तक तेजी से फैलाना बहुत जरूरी है। आज हम संतोष के साथ कह सकते हैं कि देश में छह एम्स से आगे बढ़कर 22 से ज्यादा एम्स के सशक्त नेटवर्क की तरफ बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इन 6-7 सालों में 170 से अधिक नए मेडिकल कॉलेज तैयार हो चुके हैं और 100 से ज्यादा नए मेडिकल कॉलेज पर काम तेजी से चल रहा है। 2014 में देश में मेडिकल की अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट की कुल सीटें 82 हजार के करीब थीं। आज इनकी संख्या बढ़कर 1 लाख 40 हजार सीट तक पहुंच रही हैं।
मेडिकल शिक्षा की इस तेज प्रगति का बहुत बड़ा लाभ राजस्थान को: पीएम मोदी
मेडिकल शिक्षा की इस तेज प्रगति का बहुत बड़ा लाभ राजस्थान को भी मिला है। राजस्थान में इस दौरान मेडिकल सीटों में दोगुनी से भी अधिक बढ़ोतरी हुई है। यूजी सीटें 2,000 से बढ़कर 4,000 से ज्यादा हुई हैं। पीजी सीटें राजस्थान में एक हजार से भी कम थी जो आज 2,100 तक पहुंच गई हैं।
गरीब परिवारों के लिए अब दूसरी भारतीय भाषाओं में भी मेडिकल की पढ़ाई
गांव और गरीब परिवारों से आने वाले युवाओं के लिए सिर्फ अंग्रेजी भाषा में मेडिकल और टेक्निकल एजुकेशन की पढ़ाई एक और बाधा रही है। अब नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत हिंदी और दूसरी भारतीय भाषाओं में मेडिकल की पढ़ाई का भी मार्ग बना है। उन्होंने कहा कि आजादी के इस अमृतकाल में उच्च स्तर का कौशल, न सिर्फ भारत की ताकत बढ़ाएगा बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने में भी बड़ी भूमिका निभाएगा। सबसे तेजी से विकसित हो रहे उद्योगों में से एक, पेट्रो-केमिकल इंडस्ट्री के लिए, स्किल्ड मैनपावर, आज की आवश्यकता है।