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कमलनाथ सरकार ने बंद की भावांतर योजना, शिवराज ने आंदोलन की धमकी दी
Tue, 22 Jan 2019 01:39 PM IST
Shilpa Thakur
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Shilpa Thakur
Updated Tue, 22 Jan 2019 01:39 PM IST
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मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार ने शिवराज सरकार द्वारा शुरू की गई भावांतर योजना खत्म करने की बात कही है। वह इसे ठीक बता रहे है। कृषि मंत्री सचिन यादव का कहना है कि किसानों को इस योजना से नुकसान हो रहा है। उनका कहना है कि किसानों से पहले बात की गई तभी ये फैसला लिया गया।
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वहीं सरकार के इस फैसले का पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह विरोध कर रहे हैं। शिवराज ने योजना के बंद किए जाने पर आंदोलन करने की धमकी दी और साथ ही सीएम कमलनाथ को पत्र भी लिखा है।
बीजेपी सरकार के द्वारा भावांतर भुगतान योजना जिस स्वरूप में लाई गई थी, उससे किसानों को लाभ नहीं मिला। हमारी सरकार इस योजना की समीक्षा कर गाइडलाइंस में बदलाव ला रही है। जिससे किसानों को उनकी उपज का ज्यादा लाभ मिल सके- कृषि मंत्री श्री @SYadavMLA @CMMadhyaPradesh @JansamparkMP pic.twitter.com/5vPdXBGHa6
— Agriculture Department, MP (@minmpkrishi) January 22, 2019
शिवराज ने योजना के बंद किए जाने पर आंदोलन करने की धमकी दी और साथ ही सीएम कमलनाथ को पत्र भी लिखा है। उनका कहना है, "किसानों के साथ हम धोखा नहीं होने देंगे। इनके हित और अधिकार की लड़ाई हम लड़ेंगे। आवश्यकता हुई तो हम किसानों के साथ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।"
वहीं कृषि मंत्री सचिन यादव का कहना है कि किसानों को इस योजना से नुकसान हो रहा है। उनका कहना है कि किसानों से पहले बात की गई तभी ये फैसला लिया गया। उनका कहना है, "भाजपा की योजनाएं किसानों पर केंद्रित नहीं थीं। जब से योजना शुरू हुई तभी से किसानों के उत्पादों के दाम गिरने लगे। यहां तक कि सरकार का समर्थन भी किसानों को ही नुकसान पहुंचा रहा था। इसलिए हमने योजना खत्म करने का फैसला लिया।"
यह भी पढ़ें- क्या थी शिवराज की किसानों के लिए शुरू की गई भावांतर योजना?
शिवराज का कहना है कि अन्नदाता के पुरुषार्थ से ही देश-प्रदेश के अन्न के भण्डार भरे हैं। इनके परिश्रम और पसीने की पूरी कीमत इन्हें न मिले, तो यह उनके साथ घोर अन्याय है। मेरा मानना है कि भावांतार भुगतान योजना के बंद होने से किसान को बड़ा नुकसान होगा। उनका कहना है कि मध्यप्रदेश सरकार भावांतार भुगतान योजना में कोई सुधार करना चाहती है, तो हमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन सरकार जो इधर-उधर की बातें कर रही है, इससे उनकी नीयत किसान को पैसे देने की नहीं लग रही है। हम ऐसा नहीं होने देंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "सरकार केवल पुरानी सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं को बदलने की दृष्टि से काम कर रही है। यह लोगों के लिए अनुचित है। वह कैसे सबकुछ अंधे होकर बदल सकते हैं? अगर वह किसानों को सही कीमत नहीं देते तो हम फरवरी में आंदोलन करेंगे।"