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झारखंड: मतदाता सूची के काम में सख्ती, लापरवाही पर शिक्षकों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई
Mon, 14 Sep 2026 12:20 PM IST
नितिन गौतम
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 14 Sep 2026 12:20 PM IST
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एसआईआर फॉर्म भरते लोग (फाइल फोटो)
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में प्रतिनियुक्त शिक्षकों द्वारा लापरवाही बरतने पर उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने एसआईआर कार्य में लगे सभी शिक्षकों की दैनिक उपस्थिति और पुनरीक्षण कार्यों में उनकी पूरी सहभागिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों और सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों को पत्र भेजकर आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा है।
प्रतिनियुक्ति और उपस्थिति के नियम
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया है कि प्रतिनियुक्त शिक्षकों को हर दिन अलग से बनाए गए रजिस्टर में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इस व्यवस्था से यह साफ हो सकेगा कि संबंधित शिक्षक प्रतिनियुक्ति की अवधि में निर्धारित निर्वाचन कार्य का वास्तविक रूप से निष्पादन कर रहे हैं अथवा नहीं। यदि कोई शिक्षक विधिवत प्रतिनियुक्त होने के बाद भी आवंटित काम को पूरा नहीं करता, कार्य में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाता या जानबूझकर कार्य में लापरवाही बरतता है, तो अधिकारी तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार कर उसके विरुद्ध नियमानुसार तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करेंगे।
पठन-पाठन और कार्य संतुलन
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि विद्यालयों में बच्चों के पठन-पाठन में किसी भी तरह का अनावश्यक व्यवधान नहीं आना चाहिए। इसके साथ ही एसआईआर की प्रक्रिया को भी तय समय सीमा के भीतर पूरा करना आवश्यक है। इन दोनों महत्वपूर्ण दायित्वों के बीच बेहतर संतुलन बनाते हुए उपलब्ध मानव संसाधन का अधिकतम और प्रभावी उपयोग किया जाए। आवश्यकता के अनुसार ही शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की जाए। इसके अलावा अतिरिक्त शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति तत्काल समाप्त कर उन्हें वापस उनके मूल स्कूलों में भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
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सूची सौंपने की अंतिम समय सीमा
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह के बीच हुई वार्ता के बाद यह कदम उठाया गया है। वार्ता के दौरान शिक्षा सचिव ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को अवगत कराया था कि कुछ शिक्षक एसआईआर प्रतिनियुक्ति के नाम पर स्कूलों में नियमित रूप से शिक्षण कार्य नहीं कर रहे हैं और अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रह रहे हैं, जिससे विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसके बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे प्रतिनियुक्त शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मियों की विधानसभा क्षेत्रवार सूची तैयार करें। यह पूरी सूची 16 सितंबर शाम 5:00 बजे तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी।
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प्रतिनियुक्ति और उपस्थिति के नियम
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया है कि प्रतिनियुक्त शिक्षकों को हर दिन अलग से बनाए गए रजिस्टर में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इस व्यवस्था से यह साफ हो सकेगा कि संबंधित शिक्षक प्रतिनियुक्ति की अवधि में निर्धारित निर्वाचन कार्य का वास्तविक रूप से निष्पादन कर रहे हैं अथवा नहीं। यदि कोई शिक्षक विधिवत प्रतिनियुक्त होने के बाद भी आवंटित काम को पूरा नहीं करता, कार्य में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाता या जानबूझकर कार्य में लापरवाही बरतता है, तो अधिकारी तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार कर उसके विरुद्ध नियमानुसार तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करेंगे।
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पठन-पाठन और कार्य संतुलन
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि विद्यालयों में बच्चों के पठन-पाठन में किसी भी तरह का अनावश्यक व्यवधान नहीं आना चाहिए। इसके साथ ही एसआईआर की प्रक्रिया को भी तय समय सीमा के भीतर पूरा करना आवश्यक है। इन दोनों महत्वपूर्ण दायित्वों के बीच बेहतर संतुलन बनाते हुए उपलब्ध मानव संसाधन का अधिकतम और प्रभावी उपयोग किया जाए। आवश्यकता के अनुसार ही शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की जाए। इसके अलावा अतिरिक्त शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति तत्काल समाप्त कर उन्हें वापस उनके मूल स्कूलों में भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
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सूची सौंपने की अंतिम समय सीमा
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह के बीच हुई वार्ता के बाद यह कदम उठाया गया है। वार्ता के दौरान शिक्षा सचिव ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को अवगत कराया था कि कुछ शिक्षक एसआईआर प्रतिनियुक्ति के नाम पर स्कूलों में नियमित रूप से शिक्षण कार्य नहीं कर रहे हैं और अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रह रहे हैं, जिससे विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसके बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे प्रतिनियुक्त शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मियों की विधानसभा क्षेत्रवार सूची तैयार करें। यह पूरी सूची 16 सितंबर शाम 5:00 बजे तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी।