{"_id":"6aa7bb4b77a92af499081e3c","slug":"questions-raised-modular-ot-tender-medini-rai-medical-college-jharkhand-explanation-sought-executive-engineer-2026-09-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"झारखंड: मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज में मॉड्यूलर ओटी टेंडर पर सवाल, कार्यपालक अभियंता से 48 घंटे में जवाब-तलब","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
झारखंड: मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज में मॉड्यूलर ओटी टेंडर पर सवाल, कार्यपालक अभियंता से 48 घंटे में जवाब-तलब
Mon, 14 Sep 2026 02:46 PM IST
प्रशांत तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Mon, 14 Sep 2026 02:46 PM IST
सार
मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 2.11 करोड़ रुपये की लागत से तीन मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर के निर्माण के लिए ऑफलाइन निविदा निकालने पर भवन निर्माण विभाग ने गंभीर आपत्ति जताई है। विभाग ने डालटनगंज भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता महेंद्र राम से 48 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा है और नियमों के उल्लंघन पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज, पलामू
- फोटो : मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज वेबसाइट
विस्तार
मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (सदर) में तीन मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (ओटी) के निर्माण के लिए निकाली गई निविदा में धांधली के आरोपों के बाद भवन निर्माण विभाग ने डालटनगंज भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता महेंद्र राम से जवाब-तलब किया है। विभाग के विशेष सचिव विधान चंद्र चौधरी ने यह कार्रवाई की है। पलामू स्थित इस अस्पताल में दो करोड़ 11 लाख 23 हजार 750 रुपये की लागत से तीन मॉड्यूलर ओटी बनाए जाने हैं, लेकिन इस योजना का टेंडर ऑनलाइन निकालने के बजाय ऑफलाइन आमंत्रित किया गया।
विज्ञापन
निविदा प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप
भवन निर्माण विभाग ने कार्यपालक अभियंता को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य के लिए अपनाई प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता बरती गई है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक मॉड्यूलर ओटी की अनुमानित लागत 70 लाख 41 हजार 250 रुपये निर्धारित की गई है। इस तरह, तीनों मॉड्यूलर ओटी की कुल राशि दो करोड़ 11 लाख 23 हजार 750 रुपये बैठती है। इतनी बड़ी राशि की योजना के टेंडर में ऑफलाइन माध्यम का उपयोग करने पर विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है।
विज्ञापन
ई-प्रोक्योरमेंट के नियमों का उल्लंघन
विशेष सचिव ने पत्र में विभाग के पूर्व कार्यालय आदेश का उल्लेख किया है। इस आदेश के तहत 50 लाख रुपये से अधिक लागत की किसी भी योजना की निविदा प्रक्रिया अनिवार्य रूप से ई-प्रोक्योरमेंट प्रणाली के माध्यम से ही पूरी की जानी चाहिए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज की यह योजना सीधे तौर पर भवन निर्माण विभाग से स्वीकृत या संबंधित नहीं है। इसके बावजूद, जिला स्तर पर योजना का क्रियान्वयन कराने के लिए कार्यपालक अभियंता महेंद्र राम को कार्य एजेंसी बनाया गया था। चूंकि उनकी मूल सेवा भवन निर्माण विभाग के अधीन है और वे डालटनगंज भवन प्रमंडल में पदस्थापित हैं, इसलिए जिला स्तरीय योजनाओं के क्रियान्वयन में भी विभागीय नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: झारखंड: ढलान पर फेल हुआ ब्रेक, दो ट्रेलरों की भीषण टक्कर; चालक की दर्दनाक मौत, एक गंभीर
अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी
विभागीय आदेश की अनदेखी करके ऑफलाइन निविदा जारी करने को विभाग ने स्वेच्छाचारिता और कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही माना है। पत्र में कहा गया है कि इस कृत्य से भवन निर्माण विभाग की छवि धूमिल हुई है। विशेष सचिव ने कार्यपालक अभियंता को पत्र मिलने के 48 घंटे के भीतर अपना स्पष्टीकरण विभाग को समर्पित करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही उनसे पूछा गया है कि नियमों का उल्लंघन करने के लिए उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। विभाग ने इस पत्र की प्रतिलिपि आवश्यक कार्रवाई के लिए अभियंता प्रमुख और मुख्य अभियंता को भी भेजी है।