झोपड़ी में रहना पसंद नहीं था, बच्चों को मारा और फांसी पर झूल गई
- पति की जॉब और झोपड़ी में रहना उसे पसंद नहीं था
- पति के बार-बार जॉब और घर बदलने से वो आजिज आ गई
- पहले दो बच्चों को मौत के घाट उतारा फिर खुदकुशी कर ली
विस्तार
डेक्कन क्रॉनिकल की खबर के मुताबिक मृतका की पहचान गंगा देवी के नाम से हुई है। पुलिस के मुताबिक गंगा देवी के अलावा उसके दो बच्चों में 6 वर्षीय बेटी पलपासा और 3 वर्षीय बेटा परबल की शिनाख्त हुई है।
पुलिस के मुताबिक गंगा देवी ने घरेलू परिस्थितियों से आजिज आकर वारदात अंजाम दिया। पुलिस की मानें तो गंगा देवी को झोपड़ी में रहना और पति का बार-बार जॉब बदलते रहना पसंद नहीं था। प्रेम सिक्यॉरिटी गार्ड के तौर पर काम करता है।
सोमवार को दिन के करीब डेढ़ बज रहे थे। तभी नागपाल नाम के शख्स को प्रेम के झोपड़े में से बच्चे के चीखने की आवाज सुनाई दी। नागपाल ने प्रेम के घर का दरवाजा खटखटाया। दरवाजा अंदर बंद था। नागपाल ने फोन कर इसकी सूचना प्रेम को दी। प्रेम तुरंत लौटा और एक खिड़की से अंदर झांककर देखा। गंगा देवी फांसी के फंदे पर झूल रही थी और दो बच्चे जमीन पर पड़े थे।
पति के बार-बार जॉब और घर बदलने से वो आजिज आ गई
प्रेम और नागपाल ने तीनों को उठाया और पास के अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के मुताबिक गंगा देवी और प्रेम की शादी 12 साल पहले हुई थी। दोनों मूल रूप से नेपाल के रहने वाले थे। प्रेम ग्रेजुएट है, गंगा देवी भी पढ़ी-लिखी थी। तीन महीने पहले परिवार तमिलनाडु से बैंगलुरू शिफ्ट हुआ था। प्रेम पीन्या में एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में बतौर सिक्यॉरिटी गार्ड काम करता है।
लेकिन गंगा देवी उसके काम से खुश नहीं थी। पुलिस की मानें तो गंगा देवी को झोपड़े में गुजर-बसर करना अच्छा नहीं लगता था। उधर प्रेम लगातार नौकरी बदलता रहता था। जिसकी वजह से परिवार को एक जगह से दूसरी जगह बदलना शिफ्ट करना पड़ता था।
पुलिस के मुताबिक पारिवारिक हालतों से आजिज आकर गंगा देवी ने बच्चों को मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने नेपाल में रहने वाले मृतका के घरवालों से सूचना दे दी है। उनके बयान का इंतजार हो रहा है।