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Hindi News ›   Crime ›   VHP advise to cattle vigilantes Beat them up but don't break bones of cattle smugglers

VHP का फरमान, 'गाय की रक्षा के लिए मारो, लेकिन हड्डियां मत तोड़ो'

Mon, 05 Sep 2016 01:58 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/ अमर उजाला, मेरठ Updated Mon, 05 Sep 2016 01:58 PM IST
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VHP advise to cattle vigilantes Beat them up but don't break bones of cattle smugglers

विश्व हिंदू परिषद गौरक्षा विभाग ने अपने गौरक्षकों को हिदायत दी है कि मवेशियों की तस्करी करने वालों को मारें, लेकिन उनकी हड्डियां न तोड़ें। पश्चिमी यूपी में बराज और उत्तराखंड के टॉप गौरक्षकों संबोधित करते हुए गौरक्षा विभाग सेंट्रल कमिटी के मेंबर खेमचंद ने यह बात कही।

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उन्होंने कहा कि ऐसा करने से गौरक्षक मुसीबत में नहीं आएंगे और मवेशियों की तस्करी करने वालों में भी डर बना रहेगा ताकि वह गैर-कानूनी कदम उठाने से पहले कई बार सोचे। खेमचंद से बाद में इस बयान को लेकर जब सवाल किए गए, तो उन्होंने कहा कि मेरी बात को गलत तरीके से लिया गया है।
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उन्होंने कहा, ' मेरा मतलब था कि गौरक्षकों को अपनी सुरक्षा में ऐसा कदम उठाना चाहिए। ज्यादातर गौरक्षक मुसीबत में पड़ जाते हैं, जहां उन्हें हथियारों से लेस तस्करी करने वालों का सामना करना पड़ता है। हमने हमारे रक्षकों को लाठी का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं, जबकि तस्करों के पास बंदूके होती हैं।' 

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मोदी के मेक-इन-इंडिया पर उठाए सवाल

VHP advise to cattle vigilantes Beat them up but don't break bones of cattle smugglers
मेक इन इंडिया - फोटो : Getty

इस बीच खेमचंद ने पीएम मोदी के मेक-इन-इंडिया पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पुराने दिनों में भारत को सोने की चीड़िया कहा जाता था। क्या आपको लगता है, वह मेक-इन-इंडिया की वजह से पुकारा जाता था। पहले के समय में कोई इंडस्ट्री नहीं थी, भारत को सिर्फ गाय बचा सकती है, न कि मेक-इन-इंडिया।

बताते चलें कि हाल ही में गुजरात के ऊना में कुछ गौरक्षकों ने कुछ दलितों को व्यस्त रोड़ पर रस्सी से बांध पीटा था। पिटाई की वजह यह थी कि दलित लड़के मरी हुई गाय की चमड़ी उतार रहे थे। इसी की खबर लगते ही गौरक्षक वहां पहुंच गए और युवकों को पीटने लगे।

इस घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और यह मामला इतना बढ़ गया संसद में भी उठा। 

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