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Hindi News ›   Crime ›   Survivors of child sexual abuse to get more time to report cases

बाल शोषण पीड़ितों को शिकायत कराने के लिए मिलेगा अधिक समय

Thu, 04 Oct 2018 10:57 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला
क्राइम डेस्क, अमर उजाला Updated Thu, 04 Oct 2018 10:57 AM IST
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Survivors of child sexual abuse to get more time to report cases

बाल शोषण पीड़ित अब व्यस्क होने के बाद भी मामले की शिकायत दर्ज करवा पाएंगे। इसके लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय एक प्रस्ताव पर काम कर रहा है। जिसके तहत ऐसी शिकायतों को दर्ज कराने की समय सीमा को बढ़ाया जाएगा ताकि 18 साल का होने के बाद भी पीड़ित अपनी शिकायत दर्ज करा सके।

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पहले तो मंत्रालय ने समय सीमा 7 साल रखने का विचार किया था। लेकिन सभी तरीकों पर काम करने के बाद ही समय सीमा का पता चल पाएगा। यह 7 साल या फिर इससे कम और ज्यादा भी हो सकती है। प्रस्ताव अगले हफ्ते तक गृह मंत्रालय को सौंपा जा सकता है।
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वहीं मंत्रालय गुरुवार से एक खास तरह का अभियान भी शुरू करेगा। जिसके तहत पीड़ितों से कहा जाएगा कि वह सामने आएं और अपने खिलाफ हुए अत्याचारों की शिकायक दर्ज कराएं। इसे 'मी टू इंडिया' अभियान नाम दिया गया है।
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कोई फर्क नहीं कि पीड़ित कब बोलता है

महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने मंगलवार को कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि बाल शोषण पीड़ित कब शोषण के खिलाफ बोलता है। उन्होंने कहा कि सबसे जरूरी है पीड़ित को सुनना और शिकायतों का समाधान करना।

जब मेनका गांधी से पूछा गया कि उनका अभिनेत्री तनुश्री दत्ता मामले पर क्या कहना है। जिन्होंने कई सालों बाद बॉलिवुड अभिनेता नाना पाटेकर के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाया है। इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा लोगों ने उस समय भी यही सवाल पूछा था जब पहली पीड़िता ने हॉलिवुड निर्देशक हार्वे वेनस्टीन के खिलाफ आवाज उठाई थी। लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि पीड़ित कब बोलता है।


अपराधों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की समय सीमा 3 साल तक है। वहीं कई अपराध ऐसे भी हैं जिनमें तीन साल तक की सजा का प्रावधान है। जैसे किसी का पीछा करने में भी अधिकतम तीन साल की सजा मिल सकती है। मंत्रालय ने कहा कि जितना आवश्यक मामले के इतिहास के बारे में जानना है उतना ही जरूरी ऐसे प्रावधान का भी होना है जिसके तहत पीड़ित के पास शिकायत दर्ज कराने के लिए अधिक समय हो।

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