सौम्या रेप केस: आरोपी गोविंदाचामी की सजा-ए-मौत को SC ने किया निरस्त
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केरल के सौम्या रेप केस में आरोपी गोविंदाचामी की सजा-ए-मौत को सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त कर दिया है। बर्बर रेप और हत्या के आरोपी को कोर्ट ने उसे सात साल की सजा सुनाई गई है। हालांकि आरोपी के खिलाफ लगाई धाराएं 376 (बलात्कार के लिए दंड), 394 (लूटपाट करने में जानबूझकर नुकसान पहुंचाने), 325 (जानबूझकर गंभीर नुकसान पहुंचाने के लिए दंड) को बरकरार रखा।
एक फरवरी 2011 को हुई इस घटना के 6 दिन बाद पीड़िता ने दम तोड़ दिया था। 17 दिसबंर 2013 को ट्रायल कोर्ट ने गोविंदाचामी को मौत की सजा सुनाई। आरोपी ने मौत की सजा के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की थी। लेकिन, हाईकोर्ट ने भी समाज को झकझोर कर रख देने वाले इस बर्बर अपराध के आरोपी को माफ नहीं किया। हाईकोर्ट ने भी आरोपी की सजा को बरकरार रखा। आरोपी को हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिलने के बाद उसने सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले को चनौती दी।
केरल सरकार ने फैसले की कड़ी निंदा की
केरल सरकार और परिजनों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की कड़ी निंदा की है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा है कि सरकार की ओर से कोर्ट में समिक्षा याचिका दायर की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस घिनौने अपराध में आरोपी के बच निकलने से लोगों में बेचैनी पैदा होगी। बयान में विजयन ने कहा ‘हम सौम्या के परिवार के लिए न्याय सुनिश्चित करने की खातिर सर्वश्रेष्ठ कानूनी विशेषज्ञों की सेवा लेंगे।’
दरअसल, आरोप है कि गोविंदाचामी ने ट्रेन में सफर कर रही सौम्या को चलती ट्रेन से धक्का देकर, जंगल में रेप किया था। सौम्या एक शॉपिंग मॉल में काम करती थी और वह उस दिन एर्नाकुलम-शोरनपुर पैसेंजर ट्रेन से घर जा रही थी। इस बीच आरोपी भी ट्रेन से कूद गया और रेल पटरी के पास से लड़की को जंगल में ले गया और वहां उसका रेप किया।