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बिल नहीं चुकाया तो मरीज को बनाया बंधक, कैशलेस भुगतान को लेकर हुआ विवाद

Sun, 10 Sep 2017 11:13 PM IST
amarujala.com, Presented by: शारुख खान
amarujala.com, Presented by: शारुख खान Updated Sun, 10 Sep 2017 11:13 PM IST
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patient did not pay the bill Hospital management made mortgages
फाइल
कैशलेस भुगतान के विवाद में एक अस्पताल पर मरीज को बंधक बनाने का आरोप लगा है। आरोप है कि इलाज के बाद अस्पताल को जब नकद रुपये नहीं मिले थे उसने मरीज को बंधक बना लिया और अस्पताल से बाहर नहीं निकलने दिया।  
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घटना उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले की है। दिल्ली रोड स्थित अब्दुल्लाह अस्पताल में मरीज को कथित रूप से बंधक बनाने का मामला सामने आया है। अस्पताल में भर्ती मरीज ने आरोप लगाया है कि भर्ती होने से पहले कैशलेस के लिए पूछकर भर्ती किया गया था। जबकि अब उससे कैश में भुगतान की मांग की जा रही है। भुगतान न करने पर उसे अस्पताल से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है।
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बरेली के हल्दीकलां, नीरगंज निवासी नरेंद्र पुत्र प्यारेलाल एक निजी फाइनेंस कंपनी में क्रेडिट ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं। नरेंद्र ने बताया कि गत रविवार को उसे बुखार हुआ था, जिसके बाद उसने जिला रामपुर में रक्त की जांच कराई। रिपोर्ट में मलेरिया, टायफाइड की पुष्टि हुई। 

नौकरी बुलंदशहर में होने के चलते उसने अपनी बीमा की कंपनी से जानकारी कर कैशलेस अस्पतालों की सूची की जानकारी की, जिसमें बताया गया कि दिल्ली रोड स्थित अब्दुल्लाह अस्पताल कैशलेस के लिए मान्य है। नरेंद्र का कहना है कि कैशलेस के बारे में अस्पताल संचालक से जानकारी करने के बाद शुक्रवार दोपहर उसे अस्पताल में भर्ती किया गया था। 

patient did not pay the bill Hospital management made mortgages
फाइल - फोटो : सांकेतिक चित्र
नरेंद्र का आरोप है कि रविवार को अस्पताल का एक चिकित्सक उसके पास पहुंचा और कैश में भुगतान करने की बात कही, जिस पर उसने कैशलेस भुगतान के बारे में बताया। नरेंद्र का आरोप है कि चिकित्सक ने भुगतान न करने पर उसके साथ मारपीट की धमकी दी। साथ ही नरेंद्र के अस्पताल से निकलने पर भी रोक लगा दी गई। इसके चलते वह न तो भुगतान के लिए कैश का इंतजाम कर सका और न ही किसी अफसर से शिकायत कर सका।

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सीएमओ डॉ. केएन तिवारी ने कहा कि भुगतान के लिए मरीज को बंधक बनाने का किसी को भी अधिकार नहीं है। इस संबंध में शिकायत मिलती है तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। 

अब्दुल्लाह हॉस्पिटल के संचालक डॉ. यूनुस ने कहा कि कंपनी से टाइअप समाप्त होने के चलते कैशलेस इलाज में परेशानी हो रही है। इस संबंध में मरीज से वार्ता की गई है। लगाए गए आरोप निराधार हैं। फिलहाल कोई विवाद नहीं है। 
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