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यूपीः सोलह लाख की दवा ‘पी’ गए चूहे, फिर भी नहीं मरे !
amarujala.com- Presented by: विकास जांगड़ा
Updated Thu, 27 Jul 2017 12:42 PM IST
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चूहा
- फोटो : सांकेतिक चित्र
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मुरादाबाद सहित रेल मंडल के चार स्टेशनों पर रेलवे को चूहों से बड़ा खतरा है। तार से लेकर सामान तक को नुकसान पहुंचाने वाले चूहे को मारने के लिए रेलवे ने सोलह लाख खर्च कर दिए। चूहे मरे या नहीं, इसका तो पता नहीं लेकिन सोलह लाख की दवा जरूर पी गए। इस साल भी इतनी ही रकम खर्च की जाएगी।
स्टेशनों पर उछल कूद मचाने वाले चूहे रेलवे के लिए किसी दुश्मन से कम नहीं हैं। ये चूहे बिजली के चार, फोन के केबिल, बुकिंग किए गए सामानों को कुतर देते हैं। इससे कई बार सर्वर फेल हो जाता है। वहीं बुकिंग सामनों के खराब होने पर क्षतिपूर्ति देना पड़ता है। इससे बचने के लिए रेलवे ने मंडल में मुरादाबाद, देहरादून, हरिद्वार, बरेली स्टेशनों पर चूहों को मारने के लिए पिछले साल टेंडर कराए थे।
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स्टेशनों पर उछल कूद मचाने वाले चूहे रेलवे के लिए किसी दुश्मन से कम नहीं हैं। ये चूहे बिजली के चार, फोन के केबिल, बुकिंग किए गए सामानों को कुतर देते हैं। इससे कई बार सर्वर फेल हो जाता है। वहीं बुकिंग सामनों के खराब होने पर क्षतिपूर्ति देना पड़ता है। इससे बचने के लिए रेलवे ने मंडल में मुरादाबाद, देहरादून, हरिद्वार, बरेली स्टेशनों पर चूहों को मारने के लिए पिछले साल टेंडर कराए थे।
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चूहे मारने के लिए दो कंंपनियों को मिला 15 लाख का ठेका
2016-2017 में चारों स्टेशनों के लिए दो कंपनियों से 15,96,850 रुपये का अनुबंध किया गया। श्री बाला जी कंपनी को हरिद्वार का टेंडर मिला। जबकि बाकी तीनों स्टेशनों पर चूहे मारने का ठेका टरमिनेक्स कंपनी को मिला। रेलवे इन कंपनियों के साथ कोटेशन पर आगे के लिए भी अनुबंध किया है।
सीनियर डीसीएम विवेक शर्मा ने बताया कि पेस्ट एंड रोडेंट कंट्रोल के तहत चूहों से सामानों और उपकरण को बचाने के लिए टेंडर कराया जाता है। मंडल में चार स्टेशनों के लिए कंपनी से अनुबंध किया गया है।
मंडल के दो और स्टेशन होंगे शामिल
मुरादाबाद पेस्ट एंड रोडेंट कंट्रोल के लिए मंडल के दो और स्टेशन शामिल किए जाएंगे। मुरादाबाद, बरेली, हरिद्वार, देहरादून के बाद शाहजहांपुर और हरदोई स्टेशन के लिए भी टेंडर कराया जाएगा।
सीनियर डीसीएम विवेक शर्मा ने बताया कि पेस्ट एंड रोडेंट कंट्रोल के तहत चूहों से सामानों और उपकरण को बचाने के लिए टेंडर कराया जाता है। मंडल में चार स्टेशनों के लिए कंपनी से अनुबंध किया गया है।
मंडल के दो और स्टेशन होंगे शामिल
मुरादाबाद पेस्ट एंड रोडेंट कंट्रोल के लिए मंडल के दो और स्टेशन शामिल किए जाएंगे। मुरादाबाद, बरेली, हरिद्वार, देहरादून के बाद शाहजहांपुर और हरदोई स्टेशन के लिए भी टेंडर कराया जाएगा।
कीटनाशक का किया जाता है स्प्रे
मुरादाबाद स्टेशन परिसर में धमाचौकड़ी करने वाले चूहों को भगाने के लिए श्रीबाला जी कंपनी और टरमिनेक्स कंपनी कीटनाशक का छिड़काव करती है। इससे चूहे भाग जाते हैं। वहीं दवाओं के खाने से चूहे मर भी जाते हैं।
कहां कितने लाख का चूहे मारने का हुआ टेंडर
स्टेशन--------------टेंडर
मुरादाबाद--------5,22,350
हरिद्वार-----------5,07,300
बरेली------------3,87,200
देहरादून----------1,80,000
कहां कितने लाख का चूहे मारने का हुआ टेंडर
स्टेशन--------------टेंडर
मुरादाबाद--------5,22,350
हरिद्वार-----------5,07,300
बरेली------------3,87,200
देहरादून----------1,80,000