फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Crime ›   in these clothes sexual assualt happened

देखिए वो कपड़े, जिनमें हुआ था युवतियों के साथ यौन उत्पीड़न

Fri, 20 Jan 2017 04:43 PM IST
बीबीसी
बीबीसी Updated Fri, 20 Jan 2017 04:43 PM IST
विज्ञापन
 in these clothes sexual assualt happened
- फोटो : BBC

एक अभियान के तहत भारत और दूसरे देशों की औरतों से उन कपड़ों की तस्वीरें खींचने को कहा जा रहा है जो उन्होंने तब पहने थे जब उनके साथ यौन उत्पीड़न या बलात्कार हुआ था। 'ब्लैंक नॉएज' नाम की चैरिटी संस्था के इस अभियान का मकसद ये साबित करना है कि यौन हिंसा का औरत के कपड़ों से कोई रिश्ता नहीं है।

विज्ञापन


यह संस्था दुनिया भर में औरतों के साथ होने वाले उत्पीड़न के मुद्दे से लड़ने के लिए साल 2003 में बनी थी। इसकी आयोजक जसमीन पथीजा का कहना है कि वे इस प्रोजेक्ट के लिए दस हजार कपड़ों की तस्वीर चाहती हैं। इस प्रोजेक्ट का नाम है 'आई नेवर आस्क फॉर इट'।

विज्ञापन

 in these clothes sexual assualt happened
इस साल की शुरुआत में नए साल के समारोह पर बंगलुरु में हुए यौन उत्पीड़न की घटना को लेकर काफी हंगामा हुआ था। इस मामले में कम से कम छह लोग हिरासत में लिए गए थे। इससे जुड़े कई वीडियो इंटरनेट पर बड़े पैमाने पर शेयर हुए थे। इन वीडियोज़ में मर्दों को औरतों के साथ बुरा सलूक करते हुए देखा जा सकता था।

कई औरतों ने कहा था कि उनपर हमला करने से पहले उन्हें मर्दों की भीड़ ने घेर लिया था। इसके बाद #NotAllMen हैशटैग सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा था। इस मामले में एक मंत्री के दिए गए बयान को लेकर उनकी आलोचना हुई थी।

 in these clothes sexual assualt happened
issue on clothes
मंत्री ने कहा था कि ऐसी घटना इसलिए हुई है क्योंकि औरतों ने "पश्चिमी लोगों की तरह कपड़े पहन रखे थे।" ऐसी सोच को चुनौती देने के लिए ही जसमीन पथीजा ने अपनी मुहिम शुरू की थी। 'आई नेवर आस्क फॉर इट' प्रोजेक्ट की पहली कहानी एक भारतीय महिला ऐश्वर्या की है।

वो बताती हैं कि उन्हें एक बार एक टैक्सी ड्राइवर ने कहा था कि उन्होंने सही तरीके से कपड़े नहीं पहन रखे हैं। उनका कहना है कि इस पर बहस होने के बाद उन्हें कई मर्दों ने घेर लिया था।
विज्ञापन

 in these clothes sexual assualt happened
स्थिति उस वक्त और खराब हो गई जब फेसुबक पर उन्हें इसके लिए भला-बुरा कहा गया। "हजारों मर्दों और औरतों ने ऑनलाइन मुझसे कहा कि मैं बदचलन और वेश्या हूं, और भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व नहीं करती हूं।"

"इसके बाद मुझे बलात्कार और मौत की धमकी मिलने लगी। ये सभी गुमनाम लोग थे। ये बहुत डराने वाला था।" "मैं पूरे हफ्ते बाथरूम में जाकर रोती रही और परेशान रही कि कोई आदमी मुझे पहचान लेगा और मेरा बलात्कार कर देगा।" इससे पहले भी 'ब्लैंक नॉएज' ने औरतों के मुद्दों पर अभियान चलाए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed