कुंवारों-विधुरों के लिए लड़कियों की होती थी सौदेबाजी, पहले कर लाते थे अगवा
- मथुरा में मानव तस्करी के बड़े गैंग का पर्दाफाश, 5 गिरफ्तार
- देश भर से बनाते थे लड़कियों को शिकार, कुवारों और विधरों को बेचते थे
- पुलिस ने गैंग के गुर्गों को दबोचा, खुलासे से इलाके भर में फैली सनसनी
- रांची की किशोरी मुक्त कराते समय दबोचे गैंग के सदस्यों ने किया खुलासा
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झारखंड, असम, बिहार और अन्य स्थानों से अगवा कर लाई जाने वाली युवतियों को कुंवारों और विधुर युवकों को लाखों रुपये में बेचने वाले गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मंगलवार रात वृंदावन की गौरानगर कालोनी से झारखंड के रांची से अपहृत 10वीं की छात्रा को मुक्त कराया था। कार्रवाई के दौरान गैंग संचालिका महिला और उसके पति सहित पांच लोगों को दबोचा है।
एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी ने बताया कि झारखंड के लोहरदग्गा के थाना जोबाग के एक गांव की 15 वर्षीय किशोरी रांची में रहकर 10वीं की पढ़ाई कर रही थी। नौ मार्च को स्कूल के हॉस्टल के बाहर से स्कॉर्पियो सवार लोगों ने उसका अपहरण कर लिया था। वहां से अपहर्ता उसे टूंडला ले आए।
यहां किराए पर रहकर लड़कियों की खरीद फरोख्त करने का गैंग संचालित करने की आरोपी रेखा पत्नी धर्मपाल निवासी कुरवारा कुम्हेर राजस्थान, हरिओम उर्फ बंटू, रोशनलाल निवासी गांव अगवा थाना कामां भरतपुर और अशोक निवासी गौरानगर और रेखा का पति धर्मपाल किशोरी को झारखंड के राजेश सिंह से 40 हजार में खरीदकर वृंदावन ले आए।
ये लोग शादी के इच्छुक लोगों को दिखाकर किशोरी का दो से ढाई लाख रुपये में सौदा करने का प्रयास कर रहे थे।
महिला जज की बताई बातें याद आईं और छात्रा खुद को बचा सकी
अपने गृह जनपद लोहरदग्गा से रांची जाने के दौरान महिला जज से हुई छात्रा की ट्रेन में दोस्ती और उसकी संगत में मिले ज्ञान से छात्रा अपने आप को बचा सकी।
महिला जज और छात्रा रोजना ट्रेन के महिला कोच में मिलते थे। महिला जज ने छात्रा को सभी राज्यों के महिला हेल्पलाइन के नंबर बताए थे और महिलाओं की सुरक्षा आदि पर अक्सर चर्चा करती थीं।
छात्रा ने बताया कि अपहरण होने के बाद उसे महिला जज द्वारा बताई गई बातें याद आने लगीं और उसी पैटर्न पर काम करने लगी। उसे यूपी पुलिस का महिला हेल्पलाइन 1090 याद था। वृंदावन इलाके से अनजान छात्रा महिला हेल्पलाइन पर लगातार मेसेज करती रही और अपनी लोकेशन बताती रही। महिला हेल्पलाइन ने वृंदावन पुलिस से कोऑर्डिनेशन कर किशोरी को मुक्त कराया।
छात्रा बोली, विरोध करने पर मार देते
झारखंड से अगवा की गई छात्रा आरोपी रेखा और उसके गैंग के मंसूबे भांप गई। उसे गैंग के लोगों ने हड़काया और मारपीट की, लेकिन उसने विरोध नहीं किया।
छात्रा ने उनसे कहा कि वह जैसा कहेंगे वैसा ही करेगी। वह रेखा के गैंग में परिवार की तरह घुल मिल गई। दिन में कई बार रेखा और गैंग के लोग उसका मोबाइल चेक करते थे, लेकिन वह हेल्पलाइन को मेसेज करने के बाद उसे डिलीट कर देती थी।
रेखा का दूसरा पति है धर्मपाल
लड़कियों की खरीद फरोख्त करने वाली महिला रेखा का पहला पति मेवात का रहने वाला था। उसे उसने छोड़ दिया। मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली रेखा ने बाद में झोला छाप धर्मपाल निवासी कुरवारा कुम्हेर के साथ शादी कर ली। धर्मपाल के पहली पत्नी से तीन बच्चे हैं और पहली पत्नी भी साथ ही रहती है।