कई दिनों से लाचार किसान जा रहा था बैंक, कैश नहीं मिला तो लगा ली फांसी
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नोटबंदी के बाद देशभर में आम लोग बैंक और एटीएम के लंबी-लंबी कतारें लगाए खड़े हैं. इन लाइनों से कुछ लोग इस कदर हताश हो गए कि उन्होंने खुद को खत्म करना ही बेहतर समझा. खुदकुशी के इस दर्दनाक घटनाक्रम से जुड़ा एक और मामला उत्तर प्रदेश के आगरा से सामने आया है। यहां बैंक खाते में जमा पैसे नहीं निकाल पाने के कारण हताशा में एक किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी है।
परिवारीजनों का आरोप है कि तीन दिन से वह रोज बैंक जा रहे थे, लेकिन लाइन में लगने के बाद भी पैसा नहीं निकाल पाए। मृतक अशोक कुमार (42) गांव ककरारा का रहने वाले थे। उनके परिवार के पास दो बीघा जमीन है, साथ ही वह दूध का काम भी करते थे।
बैंक से खाली हाथ लौटने पर था परेशान
अशोक के चाचा रामशरण ने बताया कि वह तीन दिन से ग्रामीण बैंक लभुआ में पैसे निकालने जा रहा था, लेकिन पैसा नहीं निकाल पाया। आज बैंक से लौटा था तो काफी परेशान था। आते ही कमरे में अंदर जाकर चादर का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। उसकी पत्नी सुनीता, 20 वर्षीय पुत्र देवेश, उपेंद्र (17) एवं बेटी अंबिका का रो-रोकर बुरा हाल है।
थानाध्यक्ष खैरगढ़ ने बताया आत्महत्या के बारे में उन्हें सूचना मिली है लेकिन परिवारीजनों ने पुलिस को सूचना दिए बगैर अंतिम संस्कार कर दिया। आत्महत्या करने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।