केरल में CPIM और आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या के बाद तनाव
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सोमवार रात केरल के राजनीतिक रूप से संवेदनशील कन्नूर जिले के समीप महे में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्कस्वादी) (CPIM) के एक कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई। यह क्षेत्र पुडुचेरी के अंतर्गत आता है। इसके ठीक एक घंटे बाद एक संदिग्ध हमले में एक आरएसएस कार्यकर्ता की भी हत्या हो गई।
पुलिस के मुताबिक सीपीआई एम कार्यकर्ता की पहचान कनिपोयिल बाबू (45) के रूप में हुई है। वह महे के पल्लूर का मूल निवासी है। रात करीब 9.15 पर उसे उसके घर से 200 मीटर की दूरी पर स्थित पलुलूर स्टेशन के पास एक अज्ञात गैंग ने उसे कब्जा में ले लिया था। उसकी गर्दन पर गंभीर चोटें आईं थीं, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। पल्लूर स्टेशन हाउस अफसर आर. शनमुखम ने बताया कि पहले तो यह एक राजनीतिक घटना प्रतीत हो रही था। क्योंकि अतीत में क्षेत्र के बीजेपी और सीपीआई (एम) कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा से जुड़ी घटनाएं हुई थीं पर हाल में अभी एसी कोई खबर नहीं आई है।
पार्टी लगा रही बीजेपी-आरएसएस पर आरोप
वहीं राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) कार्यकर्ता प्रमबाथु शामोज अपने ऑटो से घर की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान उसके वाहन को एक गैंग ने पीछा कर लिया और उस पर कई हमले किए। जिसके बाद कोझीकोड के अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इन दो घटनाओं के बाद माहे और कन्नूर और उसके आस पास के अन्य जिलों में चिंता का माहौल है। वहीं सीपीआई एम अपने कार्यकर्ता की हत्या के लिए बीजेपी और आरएसएस पर आरोप लगा रही है।
सीपीआई (एम) कन्नूर के जिला सचिवालय ने हत्या की निंदा करते हुए कहा कि उनके कार्यकर्ता की हत्या के लिए आरएसएस ने पहले से ही योजना बनाई थी और हत्या को अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकर्ता की हत्या इतनी बेरहमी से की गई है, जिसे देखकर लगता है कि हत्यारा चाकू रखने के लिए तैयार ही नहीं था। इस तरह का हमला बाबू पर बीते साल भी हो चुका है। उन्होंने कहा कि कुथुपरम्बा में आरएसएस के हथियार प्रशिक्षण शिविर को खत्म करने के बाद ये हत्या हुई है। इससे पहले कन्नूर पुलिस ने जिले के थिलांकेरी गांव से क्रूड बॉम्ब भी बरामद किए थे। उन्होंने कहा कि वह माहे और कन्नूर जिले में मंगलवार को हड़ताल करेंगे।