फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Crime ›   children bed corruption: charges raised againts UP officers for corruption

यूपी में अफसरों पर लगा आरोप, गरीब बच्चियों के बिस्तरों का खा गए पैसा

Thu, 01 Mar 2018 02:57 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 01 Mar 2018 02:57 PM IST
विज्ञापन
children bed corruption: charges raised againts UP officers for corruption

उत्तर प्रदेश के बरेली में बच्चियों के लिए आंवटित बिस्तरों पैसा खाने जाने का आरोप अफसरों पर लगा है। कस्तूरबा बालिका आवासीय विद्यालयों की छात्राओं को ठंड से सुरक्षा के लिए सरकार की ओर से भेजी गई बिस्तरों की रकम की भी बीएसए और सर्व शिक्षा अभियान के अधिकारियों ने मिलकर बंदरबांट कर ली। जिले के कुल 18 आवासीय विद्यालयों में जनवरी के अंतिम सप्ताह में बिस्तर के 50-50 सेट सप्लाई किए गए थे जबकि बीएसए का ‘आदेश’ बताकर सभी स्कूलों से सौ-सौ सेट सप्लाई होने की रिसीविंग करा ली गई। 

विज्ञापन


स्कूलों में बिस्तरों की सप्लाई का ठेका साईं इंटरप्राइजेज नाम की फर्म को दिया गया। 625 रुपये के एक सेट में रजाई, गद्दा, कॉटन की चादर और तकिया उपलब्ध कराना था। फर्म की ओर से सभी 18 स्कूलों को 50-50 सेट उपलब्ध कराए गए हैं। एक स्कूल को उपलब्ध कराए 50 सेट की जीएसटी के साथ कुल रकम 70 हजार रुपये है। इस हिसाब से 18 स्कूलों में कुल 6.30 लाख रुपये कीमत के बिस्तरों की सप्लाई ही की गई। बाकी 6.30 लाख रुपये की बंदरबांट हो गई। घपले का यह मामला मंडलायुक्त तक पहुंच गया है। 
विज्ञापन


बता दें कि बिस्तरों की सप्लाई सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी सर्व शिक्षा अभियान की समन्वयक शिल्पी श्रीवास्तव और बीएसए चंदना राम इकबाल यादव की है। सर्व शिक्षा अभियान के सहायक वित्त एवं लेखा अधिकारी को भी देखना होता है कि धनराशि की उपयोग हुआ है या नहीं। अब बात खुलने पर ठेकेदार नितेश सक्सेना का कहना है कि बाकी 50 सेट की सप्लाई जल्द करा दी जाएगी। हर स्कूल में 50-50 ही तख्त हैं, जिनके लिए बिस्तर उन्होंने जनवरी के अंतिम सप्ताह तक सप्लाई कर दिए थे। ठेकेदार का कहना है कि बाकी बिस्तर स्टोरेज के लिए विभाग ने आर्डर किए हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 
जूते-चप्पल की भी रकम खा गए 
नियम के हिसाब से सरकार हर साल बा स्कूलों में पढ़ रहीं सभी सौ-सौ छात्राओं के जूते-चप्पल और तौलिये के लिए बजट देती है। इस साल भी सभी 1800 छात्राओं के लिए बजट आया पर इसमें भी घपला कर दिया गया। हर स्कूल में बीस से 50 ऐसी छात्राओं को ही जूते-चप्पल और तौलिया बांटे गए जिन्होंने वर्तमान शैक्षिक सत्र में दाखिला कराया था। फरीदपुर, बहेड़ी, नगर क्षेत्र समेत कई बा स्कूलों में तो नए दाखिले वाली छात्राओं को भी ये सामग्री नहीं बंटी। हद तो यह है कि जो जूते-चप्पल बांटे भी गए हैं वे छात्राओं के नाप के नहीं हैं। बजट का उपयोग कराने की जिम्मेदारी समन्वयक शिल्पी श्रीवास्तव और बीएसए चंदनाराम इकबाल यादव की थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed