बंगलूरू: पहली महिला टैक्सी ड्राइवर का मिला शव, हड़कंप
बंगलूरू की पहली महिला टैक्सी ड्राइवर भारती वीरथ का शव मिलने से सनसनी फैल गई है। भारती ने दो साल पहले जब अपनी हिम्मत और जज्बे के दम पर टैक्सी ड्राइवर बनने का फैसला लिया तो अखबारों में फ्रंट पेजों पर आशा की किरण बनकर छा गई थी। लेकिन अब उसका शव मिलने से लोग सन्न रह गए।
एनडीटीवी के अनुसार, भारती जिस घर में अकेली रहती उसमें ही सोमवार की शाम को उसकी लास फंदे से लटकी मिली। पुलिस ने शुरुआती जांच में इस आत्महत्या का मामला माना है। हालांकि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ।
बताते हैं कि भारती की टैक्सी फोर्ड की फिस्टा जिसे वह खरीदना चाहती थीं वह घर के बाहर खड़ी मिली है।
भारती ने सिलाई करते-करते शुरू की थी नई जिंदगी
खबरों के अनुसार, भारती वीरथ एक एनजीओ में सिलाई का काम करती थी। इसी दौरान उसे उत्सुकुता हुई कि टैक्सी कैसे चलाते हैं तो उसने टैक्सी चलाना सीखा।
ड्राइविंग सीखने के बाद भारती ने टैक्सी कंपनी उबर ज्वाइन की और टैक्सी चलाने लगी। भारती ने शहर में जब टैक्सी चलाना शुरू किया था तब वह शहर की पहली महिला टैक्सी ड्राइवर थीं।
इससे 10 साल पहले वह आंध्र प्रदेश के एक छोटे से गांव में रहती थी। लेकिन वह जिंदगी को नई दिशा देने के लिए लिए बंगलूरू आ गई और यहां पर सिलाई वगैरह का काम करने लगी।
भारती के मरने की खबर उसके मकान मालिक ने पुलिस को दी। मकान मालिक ने पुलिस को बताया कि भारती फिर से अपने गांव लौटना चाहती थी। उसने पुलिस को बताया कि रविवार की शाम से भारती बाहर नहीं दिखी तो उसने सोमवार की शाम मकान के तीसरे मंजिल पर भारती के कमरे गया। वहां जाकर देखा तो पाया कि भारती का शव फंदे पर लटका हुआ था।