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देश में लगातार बढ़ रहा है हेट क्राइम, उत्तर प्रदेश और गुजरात सबसे आगे: एमनेस्टी रिपोर्ट

Tue, 17 Jul 2018 08:47 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला
क्राइम डेस्क, अमर उजाला Updated Tue, 17 Jul 2018 08:47 AM IST
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According to amnesty international report hate crimes continuously increasing in country

मानव अधिकारों की रक्षा करने वाले समूह एमनेस्टी इंटरनेशल की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि साल 2018 के शुरुआत के छह महीनों के भीतर 100 हेट क्राइम (नफरत की आग) की वारदातें हुई हैं। इसका शिकार आदिवासी, दलित, जातीय और धार्मिक रूप से अल्पसंख्यक समुदाय के लोग और ट्रांसजेंडर हुए हैं। इस मामले में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है, जहां हेट क्राइम की 18 घटनाएं हुई हैं। दूसरे स्थान पर गुजरात है, जहां ऐसे 13 मामले सामने आ चुके हैं। इसके बाद तीसरे स्थान पर है राजस्थान, जहां अभी तक ऐसी 8 घटनाएं हुई हैं। वहीं तमिलनाडु और बिहार चौथे और पांचवें स्थान पर हैं, जहां से कुल 7 मामले सामने आए हैं।

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यह रिपोर्ट उस वक्त सामने आई है जब हापुड़ में मॉब लिंचिंग मामले की जांच चल रही है। जहां गौ हत्या के आरोप जून में भीड़ ने मोहम्मद कासिम नाम के एक आदमी की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। जबकि इस घटना में मुश्किल से अपनी जान बचा पाए उसके साथी समयद्दीन (62) को भी पुलिस से इस मामले पर लड़ना पड़ा। पुलिस इस मामले को गोकशी का मामला न मानकर रोडरेज का झगड़ा बता रही थी। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने देश में हुए हेट क्राइम की घटनाओं के आंकड़े दादरी में मोहम्मद अखलाख की हत्या के बाद एकत्रित करने शुरू किए थे। साल 2015 में अखलाख की हत्या भीड़ ने घर में बीफ रखने के आरोप में कर दी थी। इसके अलावा एमनेस्टी की वेबसाइट हाल्ट द हेट पर भी ऐसे 603 मामले सामने आ चुके हैं।
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रिपोर्ट से पता चलता है कि 2018 के शुरुआती 6 महीनों में अब तक कुल अपराधों में से 67 दलितों के खिलाफ हुए हैं जबकि 22 मुसलमानों के खिलाफ। इनमें सबसे मुख्य वजह गौ संबंधित हिंसा और ऑनर किलिंग हैं। वहीं उत्तर प्रदेश एक ऐसा राज्य हैं जहां जाति और धर्म के नाम पर कई बार हिंसा भड़क चुकी है। दलितों के खिलाफ सबसे ज्यादा घटनाएं मेरठ, मुज्जफरनगर, सहारनपुर और बुलंदशहर में घटी हैं। अभी हाल ही में हेट क्राइम की एक वारदात बुलंदशहर के हबीबपुर में भी हुई थी जहां के सोंडा हबीबपुर गांव में एक 44 वर्षीय पुरुष को पंचायत ने पेश होने के लिए इसलिए कहा क्योंकि उसके बेटे ने एक दूसरे समुदाय की लड़की से शादी कर ली थी। पंचायत में इस व्यक्ति के साथ मारपीट तो की ही गई। साथ ही उसे थूककर चाटने को भी मजबूर किया गया।
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रिपोर्ट पर एमनेस्टी इंटरनेशनल भारत के कार्यकारी निदेशक आकर पटेल का कहना है कि हेट क्राइम दूसरे अपराधों से अलग है। इसके पीछे का मुख्य कारण भेदभाव होता है। हालांकि कानून हेट क्राइम की अलग से पहचान नहीं करता है। पुलिस को ऐसे अपराधों के पीछे छिपे कारणों की ठीक से पहचान करनी चाहिए, उन्हें उजागर करना चाहिए। इसके अलावा अपनी रिपोर्ट में भी उचित ढंग से फाइल करना चाहिए।

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