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डेरे के रहस्य से उठा पर्दा, अस्पताल के भीतर चल रहा था गैरकानूनी ऑर्गन ट्रांसप्लांट
amarujala.com- Presented By- अभिषेक तिवारी
Updated Sat, 09 Sep 2017 09:41 AM IST
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सिरसा में डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय में शुक्रवार को पहले दिन सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया। वहीं शनिवार को तलाशी अभियान के दौरान डेरे में संदिग्ध स्थानों पर खुदाई का कार्य किया जाएगा। शुक्रवार को डेरे से कई आपत्तिजनक चीजे मिलीं थीं, जिनमें बिना नंबर प्लेट की कार, प्लास्टिक करंसी बरामद हुई थी। इसके अलावा 3 नबालिग बच्चे भी डेरे से मिले थे। वहीं डेरे के अस्पताल से संबंधित नए राज का खुलासा भी हुआ है।
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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक सिरसा मुख्यालय में डेरा सच्चा सौदा द्वारा संचालित अस्पताल में कथित तौर पर गैरकानूनी ऑर्गन ट्रांसप्लांट और स्टेम सेल का उपचार किया जा रहा था। हालांकि डेरा की वेबसाइट में राम रहीम का बचाव करते हुए दावा किया गया है कि शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल 1.25 लाख वर्ग फुट में फैले हैं जिनमें विभिन्न प्रकार के अंगों का प्रत्यारोपण वैध ढंग से किया जाता है।
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बता दें कि मानव अंगों के प्रत्यारोपण अधिनियम के तहत, जितने भी मेडिकल संस्थान और अस्पताल अंगों का प्रत्यारोपण और आई बैंक चलाते हैं उन सभी अस्पताल को नेशनल ऑर्ग और टिशू प्रत्यारोपण संगठन (नोटा) संगठन (आरओटीटीओ) के साथ रजिस्टर होना चाहिए। मामले में अस्पताल की कलई खोलते हुए नॉटो निर्देशक डॉ विमल भंडारी ने बताया कि डेरा का हॉस्पिटल हमारे साथ पंजीकृत नहीं है। डेरा की ओर से चलाई जा रही मासिक पत्रिका 'सत्य' के मुताबिक, अस्पताल के डॉक्टरों ने ऑप्टिक शोष के इलाज में अस्थि मज्जा से स्टेम सेल का इस्तेमाल किया, जिसके कारण आँखों की तंत्रिका सूख गई।
हालांकि किसी भी स्टेम सेल अनुसंधान के लिए, अनैतिक अभ्यास को रोकने के लिए स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत स्टेम सेल शोध के लिए राष्ट्रीय शीर्ष समिति से अनुमति की जरूरत होती है। मामले में स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव सौम्य स्वामीनाथन ने कहा कि डेरे के अस्पताल की ओर से पैनल से कोई अनुमोदन नहीं मांगा गया।
जानकारी के मुताबिक अस्पताल में काम कर रहे एक डॉक्टर ही सिरसा के भारतीय मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के साथ पंजीकृत हैं। जबकि आईएमए सिरसा में पंजीकृत 150 से ज्यादा डॉक्टर हैं। सिरसा आईएमए के अध्यक्ष डॉ के गोयल ने बताया कि हमारे पास डॉक्टरों के बारे में कोई जानकारी नहीं है और न ही हमारे पास इन डॉक्टरों से पूछने का कोई अधिकार है।