बड़े भाई को चार बच्चों समेत काट डाला, दहशत से इलाका थर्राया
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यूपी के इलाहाबाद में शिवकुटी थाने के निकट रहने वाले कबाड़ कारोबारी मोहर्रम की शनिवार रात घर के भीतर दो बेटे और दो बेटियों समेत चापड़ से काटकर हत्या कर दी गई। उसकी पत्नी दिदिया भी हमले में गंभीर घायल है। वह अस्पताल में जीवन-मौत से जूझ रही है। रविवार सुबह चार बच्चों समेत कारोबारी के कत्ल का पता चला तो हाहाकार मच गया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर जाकर छानबीन शुरू की। घायल पत्नी को अस्पताल ले जाया गया। कुछ देर बाद ही क्राइम ब्रांच ने मारे गए मोहर्रम के छोटे भाई राजन को चचेरे भाई सूरज समेत गिरफ्तार कर संपत्ति के बंटवारे के विवाद में हुए सामूहिक हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने घर से लूटे गए गहने, नगदी, कत्ल में इस्तेमाल औजार, रक्तरंजित कपडे़ बरामद कर लिए।
शिवकुटी थाने से महज सौ मीटर के फासले पर है मोहर्रम का मकान। तीन भाइयों में सबसे बड़ा मोहर्रम, पत्नी दिदिया, दो बेटों और दो बेटियों के साथ मकान के पहले तल पर बने कमरे और टीनशेड में रहता था। निचले हिस्से की एक कोठरी में वह कबाड़ का धंधा करता था। उसी मकान के बाकी हिस्से में मंझला भाई मुन्ना और छोटा भाई राजन भी पत्नी-बच्चों संग रहते हैं। रविवार सुबह करीब सात बजे कबाड़ी रोजन आया तो मोहर्रम के हिस्से कादरवाजा बंद था। आमतौर पर वह सवेरे ही जग जाता था। कबाड़ी रोजन ने इस बारे में मोहर्रम की सास बिल्लो को बताया। कुछ देर खटखटाने के बाद दरवाजा तोड़कर लोग सीढ़ी से ऊपर पहुंचे तो सन्न रह गए। टीनशेड के नीचे पलंग पर मोहर्रम (55) और उसका बेटा विशाल उर्फ शुभम (18) लहूलुहान पड़ा था। हर तरफ खून था।
कमरे में मोहर्रम की पत्नी दिदिया (48), बेटी नंदिनी उर्फ रानी (16), पुत्र बादल उर्फ छोटू (13) और बेटी बबिता उर्फ बल्लो (10) खून से लथपथ पड़े थे। यह देख कोहराम मच गया। दिदिया की सांस चल रही थी। उसे अस्पताल ले जाया गया। मोहर्रम और उसके चार बच्चों की मौत हो चुकी थी। उन्हें धारदार हथियार से काटकर मारा गया था।
क्राइम पेट्रोल देख लिखी हत्याकांड की पटकथा
शिवकुटी में भाई के साथ भतीजों और भतीजियों समेत पांच लोगों की हत्या के मामले में आरोपी राजन ने पुलिस को पूछताछ में एक और चौंकाने वाली जानकारी दी। उसने बताया कि हत्याकांड और खुद को फंसने से बचाने का तरीका उसे टीवी सीरियल क्राइम पेट्रोल देखकर सूझा। उसने कई बार क्राइम पेट्रोल समेत कई अन्य अपराध सीरियल देखे। वारदात के बाद पुलिस को उसके फिंगर प्रिंट नहीं मिलने पाए, इसलिए उसने दस्ताने खरीदकर पहने थे। कत्ल के लिए दो राज पहले ही मुंडेरा मंडी से ढाई सौ रुपये में चापड़ खरीदा था। उसे लगा कि वह कत्ल के बाद हथियार और सुबूत ठिकाने लगाकर साफ बच जाएगा, लेकिन जिंदा बची भाभी दिदिया के बयान से उसका भेद खुल गया।