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मोमो चैलेंज ने ली एक और जान, 18 साल के लड़के ने की आत्महत्या

Fri, 24 Aug 2018 02:14 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला
क्राइम डेस्क, अमर उजाला Updated Fri, 24 Aug 2018 02:14 PM IST
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18 year old boy kill himself over momo online game in Darjeeling

पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में स्थित कुर्सेओंग में एक 18 साल के लड़के ने फंदे से लटककर अपनी जान दे दी है। जिस कमरे में उसने ये सब किया वहां की दीवार पर कुछ शब्द भी लिखे मिले जैसे 'इल्लुमिनाति' (खुद को प्रबुद्ध होने का दावा करने वाला व्यक्ति), 'हैंग्ड मैन' (फांसी पर लटका आदमी) और 'डैविल्स वन आई' (शैतान की एक आंख)।

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इसके बाद लड़के के माता पिता ने इस बात की शिकायत गुरुवार को पुलिस में की। पुलिस का कहना है कि वह इस बात की जांच करेंगे कि कहीं वो किसी ऑनलाइन गेम का तो शिकार नहीं हुआ। अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस लड़के ने ये सब मोमो चैलेंज के कारण किया है। बीते साल भी देश के कई हिस्सों से ऐसी ही कई घटनाएं सामने आई थीं। जिनमें कई किशोरों ने ब्लू वेल गेम के चलते अपनी जान दे दी थी। लेकिन फिर भी बच्चे तक गेम का लिंक कैसे पहुंचा ये जानने में पुलिस नाकाम रही थी।
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जानकारी के मुताबिक 12वीं में पढ़ने वाला मनीष सारकी कॉमर्स का छात्र था। वह सोमवार की रात को अपने घर से कुछ दूरी पर बने  एक लाइवस्टॉक शेड में लटका हुआ मिला। वह 20 अगस्त को ही लापता हुआ था। पुलिस दीवार पर लिखे शब्दों की जांच कर रही है। दीवार पर मेटल शब्द और एक लड़की का नाम भी लिखा मिला है। इन सबसे ऐसा लग रहा है कि उसने खुद को ऑनलाइन गेम से मिल रहे निर्देशों के मुताबिक मारा है।
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एसपी हरीकृष्ण पाई का कहना है कि लड़के के फोन का लॉक खोलने की कोशिश की जा रही है। एक बार अगर वो खुल गया तो आत्महत्या करने के पीछे छिपे महत्वपूर्ण कारण मिल सकते हैं।

कक्षा में भी कई बच्चे खेलते थे मोमो गेम

18 year old boy kill himself over momo online game in Darjeeling

सारकी के कजिन का कहना है कि उसने फंदे पर लटके हुए एक आदमी की फोटो देखी थी जिसे सारकी ने अपने फोन के मोमो ऐप में बनाया था। वही गेम उसकी आत्महत्या का कारण है। वहीं उसके एक दोस्त का कहना है कि वह अपने फोन को जब भी इस्तेमाल करता था तो दूसरों से छिपाता था।

लड़के की अध्यापिका का कहना है कि उसी की तरह उसके कई दोस्त भी मोमो गेम खेलते थे लेकिन बाद में उन्होंने इसे खुद ही खेलना बंद कर दिया। सारकी की मां का कहना है, 'वह काफी मेहनती और सीधा-साधा लड़का था। वह ऑनलाइन गेम खेलता था। मुझे पूरा विश्वास है कि मोमो चैलेंज ने ही उसे हमसे छीना है।'

पुलिस का कहना है कि अब वह स्कूलों में अभियान चलाएंगे कि बच्चे ऐसे खतरनाक गेम न खेलें। इससे पहले अजमेर में भी 31 जुलाई को 15 साल की छवि शर्मा ने अपनी जान ले ली थी। उसकी मौत के पीछे की वजह भी मोमो चैलेंज बताई जा रही है।

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