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नर्मदा घोटाले को लेकर कंप्यूटर बाबा ने की थी PMO से शिकायत, अभी तक नहीं ली वापस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Updated Mon, 09 Apr 2018 10:55 AM IST
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कंप्यूटर बाबा
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कंप्यूटर बाबा सहित पांच बाबाओं को राज्यमंत्री का दर्जा दिया था जिसकी वजह से उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। सरकार के फैसले के बाद कंप्यूटर बाबा ने अपनी नर्मदा घोटाला यात्रा अभियान को बेशक वापस ले लिया है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यालय (पीएमओ) को भेजी गई शिकायत वापस नहीं ली है। मोदी से बाबा ने नर्मदा घोटाले की शिकायत 26 फरवरी 2018 को की थी जिसपर अभी भी प्रगति जारी है।
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पीएमओ के साथ हुई बातचीत के आधार पर पर्यावरण और जलवायु और वन परिवर्तन मंत्रालय ने शिकायत के आधार पर मध्यप्रदेश सरकार से कार्यवाही का ब्यौरा मांगा है। बाबा ने सरकार पर नर्मदा संरक्षण कार्यक्रम में हुए कथित घोटाले का आरोप लगाया है। उप सचिव (एस) अशोक कुमार ने मध्य प्रदेश के प्रधान सचिव, पर्यावरण, अनुपम राजन को भेजा गए पत्र में लिखा है- उचित कार्रवाई के लिए शिकायत की जा सकती है और इस मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सीधे इस मंत्रालय को सूचना के तहत आवेदन के लिए भेजी जा सकती है।
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इस मामले में राजन ने कहा कि उन्हें इस बातचीत के बारे में कोई जानकारी नहीं है। वन विभाग के अधिकारी जो इस पौधारोपण को देख रहे थे उन्होंने इसपर टिप्पणी नहीं की है और बाबा से संपर्क करने पर उनका नंबर बंद था। कंप्यूटर बाबा उर्फ नामदेव दास त्यागी सरकार द्वारा समर्थित नर्मदा सेवा यात्रा के एक कठोर आलोचक रहे हैं। इसके अलावा पिछले साल रिकॉर्ड 6 करोड़ पौधारोपण के बाद उन्होंने इस घोटाले को सामने लाने की कसम खाई थी।
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पूर्व कांग्रेस पार्षद पंडित योगेंद्र महंत के साथ मिलकर वह 1 अप्रैल को घोटाला अभियान लॉन्च करने वाले थे लेकिन 31 मार्च को ही राज्य सरकार ने उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दे दिया। सरकार ने नदी संरक्षण के लिए एक समिति की स्थापना की और कंप्यूटर बाबा, महंत और तीन अन्य साधुओं को राज्य मंत्री को इसका सदस्य बना दिया था। राज्य सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के 24 घंटे के अंदर ही कंप्यूटर बाबा और पंडित योगेंद्र महंत ने घोटाला अभियान को वापस लेने की घोषणा कर दी थी।