Lok Sabha Election: स्वामी बोले- आम चुनाव में बड़ी जीत हासिल करेगी भाजपा, पर 'मोदी मैजिक' जैसा कुछ नहीं
Lok Sabha Election: पूर्व केंद्रीय मंत्री सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि मोदी मैजिक जैसा कुछ है। भाजपा-आरएसएस में व्यक्ति को कोई महत्व नहीं दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यह (व्यक्ति विशेष को महत्व) कांग्रेस की संस्कृति रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने दावा किया कि हिंदू गौरव बढ़ने से आगामी लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी के बड़ी जीत हासिल करने की संभावना है। हालांकि, उन्होंने इसमें किसी 'मोदी मैजिक' की भूमिका को खारिज किया। स्वामी रविवार को यहां एक विधि सम्मेलन में बोले रहे थे।
'पिछले चुनावी प्रदर्शन को पीछे छोड़ेगी भाजपा'
उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा और इसके वैचारिक मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) में व्यक्ति की तुलना में संगठन और सिद्धांत को ज्यादा महत्व दिया जाता है। स्वामी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाजपा के 370 से ज्यादा सीटें जीतने और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के 400 का आंकड़ा पार करने के दावे के बारे में पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि भाजपा अपने पिछले चुनावी प्रदर्शन को पीछे छोड़ देगी। पहली बार हिंदू अपनी पहचान पर गर्व महसूस कर रहे हैं। उन्हें अब वह संकोच महसूस नहीं होता, जो (पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल) नेहरू के समय में उन पर थोपा गया था।"
'मुझे नहीं लगता मोदी मैजिक जैसा कुछ है...'
हालांकि, पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, कुछ लोग सोच सकते हैं कि यह बदलाव उनकी (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) वजह से हुआ है। हमें ऐसी चीजों को महत्व देने की जरूरत नहीं है। मुझे नहीं लगता कि मोदी मैजिक जैसा कुछ है। भाजपा-आरएसएस में व्यक्ति को कोई महत्व नहीं दिया जाता है। यह कांग्रेस की संस्कृति रही है।
नीतीश कुमार की एनडीए में वापसी का स्वागत किया
स्वामी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की एनडीए में वापसी का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ज्यादा पलटी जद (यू) अध्यक्ष के हित में नहीं होगी। उन्होंने कहा, वह (नीतीश कुमार) हमेशा हमारे थे। मुझे अभी भी समझ नहीं आ रहा है कि वह हमें छोड़कर क्यों चले गए थे। वह बुद्धिमान और विद्वान व्यक्ति हैं और उन्हें समझना चाहिए कि वह हिंदू भावनाओं के खिलाफ जाने का जोखिम नहीं उठा सकते। इसलिए, उन्हें संकल्प लेना चाहिए कि वह फिर कभी भाजपा से अलग नहीं होंगे।