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Aviation: एअर इंडिया के भारत-UK रूट से यात्रियों ने बनाई दूरी, दूसरी एयरलाइंस को मिल रहा फायदा; जानें वजह
Tue, 01 Sep 2026 09:43 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Tue, 01 Sep 2026 09:43 PM IST
सार
ब्रिटिश एयरवेज और वर्जिन अटलांटिक की सीट क्षमता 0.6फीसदी बढ़ी, जबकि यात्रियों की संख्या 10 फीसदी बढ़ी। अगस्त में क्षमता 3.3 फीसदी और यात्री संख्या 14.5 फीसदी बढ़ी।
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एअर इंडिया।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
पिछले साल हुए अहमदाबाद विमान हादसे के बाद एअर इंडिया के लिए भारत-ब्रिटेन मार्ग पर यात्रियों को जोड़ना चुनौती बना हुआ है। विमानन विश्लेषण कंपनी सिरियम के आंकड़ों के मुताबिक, सीटों की तुलना में यात्रियों की संख्या में ज्यादा गिरावट आई है। आंकड़ों के विश्लेषण में सामने आया, जून 2025 में भारत-ब्रिटेन मार्ग पर एअर इंडिया की सीट क्षमता सालाना आधार पर 28.6 फीसदी बढ़ी थी। वहीं यात्रियों की संख्या 14.8 प्रतिशत बढ़ी। जुलाई में सीट क्षमता 13.3 फीसदी बढ़ी, लेकिन यात्रियों की संख्या सिर्फ 2.2 फीसदी बढ़ी। अगस्त से अक्टूबर तक सीट क्षमता में कमी आई, जबकि यात्रियों की संख्या में इससे ज्यादा गिरावट दर्ज हुई।
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सिरियम के मुताबिक, अगस्त में एअर इंडिया की सीट क्षमता 3.9 फीसदी घटी है। जबकि यात्रियों की संख्या 12 फीसदी कम हुई। सितंबर में क्षमता 3.5 फीसदी घटी और यात्री 19.2 फीसदी कम हो गए। अक्टूबर में क्षमता 0.4 फीसदी बढ़ी, लेकिन यात्रियों की संख्या 14.3फीसदी घट गई। इसके उलट भारत-ब्रिटेन मार्ग पर दूसरी एयरलाइंस की यात्री संख्या सीट क्षमता के मुकाबले ज्यादा तेजी से बढ़ी। जुलाई में ब्रिटिश एयरवेज और वर्जिन अटलांटिक की सीट क्षमता 0.6फीसदी बढ़ी, जबकि यात्रियों की संख्या 10 फीसदी बढ़ी। अगस्त में क्षमता 3.3 फीसदी और यात्री संख्या 14.5 फीसदी बढ़ी।
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एअर इंडिया के यातायात में यह गिरावट मुश्किल परिचालन हालात के बीच आई है। मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने भारतीय एयरलाइंस के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था। यह प्रतिबंध अभी जारी है। इसके चलते एयर इंडिया को भारत-ब्रिटेन उड़ानों के लिए लंबे रास्ते अपनाने पड़ रहे हैं। इससे उड़ान का समय और खर्च दोनों बढ़े हैं। जबकि फरवरी 2026 के अंत में हालात और मुश्किल हो गए। इजरायल और अमेरिका के ईरान पर हमलों के बाद पश्चिम एशिया के बड़े हिस्से का हवाई क्षेत्र बंद हो गया। पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र पर पहले से रोक के कारण एयर इंडिया को और लंबे वैकल्पिक रास्तों से उड़ान भरनी पड़ी। इससे भारत-ब्रिटेन मार्ग पर क्षमता घटानी पड़ी। हालांकि यात्रियों की संख्या में गिरावट इससे भी ज्यादा रही।
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फरवरी में इस मार्ग पर एयर इंडिया के यात्रियों की संख्या सालाना आधार पर 9.8फीसदी घटी, जबकि सीट क्षमता 1.6फीसदी कम हुई। मार्च में यात्री संख्या 2.8 फीसदी घटी और क्षमता 0.7फीसदी कम हुई। अप्रैल और मई में गिरावट और तेज हुई। इन महीनों में यात्री संख्या क्रमशः 26.8 फीसदी और 24.6फीसदी घटी। वहीं सीट क्षमता 9.6फीसदी और 11.3फीसदी कम हुई।